सागर।शासकीय कला एवं वाणिज्यअग्रणी महाविद्यालय में विश्व पर्यावरण दिवस पर महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. सरोज गुप्ता के निर्देशन तथा उच्च शिक्षा विभाग के क्षेत्रीय अतिरिक्त संचालक डॉ नीरज दुबे की विशेष उपस्थिति में विभिन्न कार्यक्रम का आयोजन किया गया प्रशासनिक अधिकारी डॉ इमराना सिद्दीकी के संयोजन में आयोजित इन कार्यक्रमों के तहत पर्यावरण संतुलन को सुरक्षित रखने के लिए वृक्षारोपण के साथ ही विद्यार्थियों द्वारा चित्रकला एवं पोस्टर प्रतियोगिता तथा एनसीसी छात्र एवं छात्र इकाई के कैडेट्स द्वारा जागरूकता रैली का आयोजन किया गया इस अवसर पर शिक्षक और विद्यार्थियों ने पर्यावरण बचाने को लेकर 'महा-संकल्प' भी लिया गया इस अवसर पर प्राचार्य डॉ सरोज गुप्ता ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण महज एक कार्यक्रम नहीं बल्कि हमारी जीवनशैली का अनिवार्य हिस्सा होना चाहिए उन्होंने कहा कि प्रकृति और मनुष्य का संबंध पूरक है इस कार्यक्रम के माध्यम से हमारा उद्देश्य विद्यार्थियों में इस दायित्व बोध को जगाना है कि एक सुरक्षित भविष्य के लिए प्रकृति का संरक्षण ही सबसे बड़ा राष्ट्र-धर्म है आज के इस आयोजन का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल जागरूक करना नहीं बल्कि उन्हें पर्यावरण प्रहरी के रूप में तैयार करना है उच्च शिक्षा विभाग के क्षेत्रीय अतिरिक्त संचालक डॉ. नीरज दुबे ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल एक वैश्विक मुद्दा नहीं बल्कि उच्च शिक्षा का एक मुख्य संस्कार है विद्यार्थियों द्वारा लिया गया यह संकल्प सराहनीय है हमारा प्रयास है कि सागर संभाग के समस्त महाविद्यालयों में पर्यावरण के प्रति ऐसी ही जागरूकता और चेतना निरंतर बनी रहे ताकि हमारे युवा भावी पीढ़ी के लिए एक हरित और सुरक्षित पृथ्वी का निर्माण कर सकें रचनात्मकता के माध्यम से प्रकृति का आह्वान कार्यक्रम की सहसंयोजक डॉ शुचिता अग्रवाल ने डॉ रविंद्र सिंह ठाकुर के सहयोग से विश्व पर्यावरण दिवस को सार्थक बनाते हुए छात्र-छात्राओं नेअपनी रचनात्मकता के माध्यम से प्रकृति का संदेश जन-जन तक पहुँचाया पोस्टर मेकिंग और पेंटिंग प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों ने 'जल, जंगल और जमीन के संरक्षण का जो खाका खींचा, वह अत्यंत प्रेरणादायी था पोस्टर के माध्यम से वृक्षों की उपयोगिता और स्वच्छ वातावरण की महत्ता को जिस बारीकी से उकेरा गया उसने दर्शकों के मन को झकझोर दिया पृथ्वी को बचाने के प्रति उनकी एकजुटता का संकल्प पर्यावरण संरक्षण बढ़ाने की शपथ का आयोजन राजनीति विज्ञान विभाग अध्यक्ष डॉ संगीता मुखर्जी डॉ प्रतिभा जैन ने किया इस दौरान डॉ. संदीप सबलोक ने अपने उद्बोधन में प्रकृति और मानव के अटूट बंधन को रेखांकित करते हुए कहा कि जलवायु परिवर्तन की भयावहता केवल एक वैज्ञानिक चेतावनी नहीं बल्कि हमारे अस्तित्व पर संकट है पर्यावरण संरक्षण कोई विकल्प नहीं बल्कि आने वाली पीढ़ियों के प्रति हमारा नैतिक ऋण है उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित किया कि वे वृक्षारोपण और जल संरक्षण जैसे छोटे-छोटे प्रयासों से बड़े बदलाव की नींव रखें कार्यक्रम के समापन पर विद्यार्थियों ने एक-दूसरे का हाथ थामकर जो मानव-शृंखला बनाई वह पृथ्वी को बचाने के प्रति उनकी एकजुटता का सबसे शक्तिशाली दृश्य था युवाओं में दिखा नया उत्साह कार्यक्रम में उपस्थित विद्यार्थियों ने मंच से अपने विचार साझा करते हुए कहा कि पर्यावरण बचाना अब केवल सरकारी योजना नहीं, बल्कि युवाओं का मिशन है इस गौरवपूर्ण अवसर पर डॉ जय कुमार सोनी, डॉ अभिलाषा जैन, डॉ अवधेश प्रताप सिंह, डॉ प्रकाश कुशवाहा, डॉ संदीप तिवारी, डॉ अंकुर गौतम डॉ अखिलेश तिवारी डॉ सीपी सिंह, अनिल महरौलिया समेत शिक्षकगण, कर्मचारी और सैकड़ों विद्यार्थियों की उपस्थिति ने यह सिद्ध कर दिया कि सागर के युवा प्रकृति के संरक्षण के लिए पूर्णतः सजग और संकल्पित हैं।
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