सागर।अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चा ने शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) की अनिवार्यता समाप्त करने एवं पूर्व नियुक्त शिक्षकों के हितों की रक्षा के लिए हजारों की संख्या में कलेक्टर कार्यालय पहुंच मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंप कार्यवाही की मांग की है अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चा का मानना है कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 लागू होने के पूर्व नियुक्त शिक्षकों की नियुक्ति मध्य प्रदेश शासन द्वारा जारी राजपत्र तथा उस समय प्रभावी नियमों के आधार पर विधिवत रूप से की गई है उन शिक्षकों के लिए बाद में शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) अनिवार्य कर देना तथा 2 वर्ष के भीतर पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण न करने की स्थिति में सेवा समाप्ति जैसा कठोर प्रावधान लागू करना न्यायसंगत प्रतीत नहीं होता है उक्त शिक्षक वर्षों से निष्ठा एवं समर्पण के साथ विद्यार्थियों को शिक्षित करते हुए शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ बनाने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं ऐसे में दीर्घकाल से कार्यरत शिक्षकों की सेवा को केवल पात्रता परीक्षा के आधार पर समाप्त करने का प्रावधान न केवल उनके भविष्य को असुरक्षित करता है बल्कि इससे उनके परिवारों पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की संभावना है ज्ञापन के माध्यम से अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चा सागर ने मांग की है कि मध्यप्रदेश सरकार TET विषय में माननीय सर्वोच्च न्यायालय में रिव्यू पिटीशन दायर कर शिक्षकों का पक्ष प्रस्तुत करें और शिक्षक पात्रता परीक्षा की अनिवार्यता समाप्त करने की कृपा करें।
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