बुजुर्गों के मुहावरे कितने सटीक बैठते हैं चार दिन की चांदनी फिर अंधेरी रात

सागर।स्मार्ट सिटी का एक नया घोटाला सागर की ऐतिहासिक परकोटा दिवालों पर स्मार्ट सिटी के दुबारा आठ से दस लाख रुपए का रंग रोगन लाइटों पर स्मार्ट सिटी के दुबारा लाखों रुपयों का काम करवाया गया था लेकिन कहते हैं कि चार दिन की चांदनी फिर अंधेरी रात वैसी ही सागर स्मार्ट सिटी का काम पिछले काई माहों से स्मार्ट सिटी के बेरुखी के चलते अब ये ऐतिहासिक दीवार फिर अपनी पुरानी स्थिति में आ गई है लाखों रूपये बर्बाद करने के बाद भी ये दीवार स्मार्ट नहीं बन पाई ऐसा नहीं इस परकोटा सड़क पर से सागर के जनप्रतिनिधि जिला प्रशासन के आला अधिकारी और आम लोग हर रोज आते जाते लेकिन इस ऐतिहासिक दीवार लाखों रुपयों का दुरुपयोग होने के बाद कांग्रेस पूर्व विधायक और आम जन अब स्मार्ट सिटी और नगर निगम को कोस रहे हैं वहीं पूर्व विधायक सुनील जैन का कहना है कि जिस तरह नगर निगम महापौर और स्मार्ट सिटी के अधिकारियों ने स्मार्ट सिटी के नाम पर शहर की जनता को बेवकूफ बनाया गया है इसका हिसाब आने वाले समय में सागर की जनता लेगी तो भी परकोटा वार्ड के रहवासियों का कहना है लाखों रूपये खर्च करने के बाद भी ये ऐतिहासिक दीवार अपने पुराने हाल में है।

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