सागर। कैंट थाना क्षेत्र में एक महिला पर कथित तौर पर तेजाबनुमा ज्वलनशील पदार्थ फेंके जाने की घटना ने शहर में सनसनी फैला दी है लेकिन घटना के 24 घंटे बाद भी पुलिस किसी स्पष्ट निष्कर्ष पर नहीं पहुंच सकी है मामले में महिला ने कुछ लोगों पर संदेह जताया है वहीं पुलिस स्वयं घटना को प्रथम दृष्टया संदेहास्पद मान रही है ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि आखिर सच्चाई क्या है और जांच किस दिशा में आगे बढ़ रही है विट्ठल नगर निवासी अर्चना अहिरवार शुक्रवार रात दवा लेकर घर लौट रही थीं उनका आरोप है कि कजलीवन मैदान के पास दो अज्ञात युवकों ने उन पर तेजाबनुमा ज्वलनशील पदार्थ फेंक दिया जिससे उनकी पीठ और शरीर का हिस्सा झुलस गया घटना के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां उनका उपचार जारी है हालांकि मामले में कई ऐसे तथ्य सामने आए हैं जिन्होंने जांच को उलझा दिया है महिला ने एक पूर्व पार्षद पर भी आरोप लगाए हैं लेकिन अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि कथित हमलावर कौन थे हमला क्यों किया गया और महिला द्वारा लगाए गए आरोपों का आधार क्या है पुलिस की मुश्किल यह भी है कि जिस स्थान पर घटना हुई वहां कोई सीसीटीवी कैमरा नहीं है ऐसे में प्रत्यक्ष साक्ष्यों के अभाव में जांच मुख्य रूप से बयान और परिस्थितिजन्य तथ्यों पर निर्भर है पुलिस आसपास के क्षेत्रों के कैमरों की फुटेज खंगाल रही है लेकिन अब तक कोई ठोस सुराग सामने नहीं आया है कैंट थाना प्रभारी रोहित डोंगरे ने स्वयं स्वीकार किया है कि मामला प्रथम दृष्टया कुछ संदेहास्पद प्रतीत हो रहा है यही कारण है कि पुलिस किसी एक थ्योरी पर काम करने के बजाय सभी पहलुओं की जांच कर रही है जिन लोगों के नाम महिला ने बताए हैं उनसे भी पूछताछ की जा रही है घटना ने कानून-व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं यदि वास्तव में किसी महिला पर तेजाबनुमा पदार्थ से हमला हुआ है तो यह गंभीर अपराध है वहीं यदि मामले के पीछे कोई अन्य कारण या विवाद है तो उसका भी जल्द खुलासा होना आवश्यक है फिलहाल शहर की निगाहें पुलिस जांच पर टिकी हैं और लोग यह जानना चाहते हैं कि आखिर देर रात हुए इस हमले की असली कहानी क्या है।
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