कांग्रेस के धरना प्रदर्शन पर मंत्री गोविंद सिंह राजपूत का पलटवार

सागर।किसानों की समस्याओं को लेकर कांग्रेस द्वारा किए जा रहे धरना-प्रदर्शन पर खाद्य,नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने तीखा पलटवार किया है मंत्री राजपूत ने कहा कि किसानों के नाम पर अपनी राजनीतिक रोटियां सेकना बंद करें कांग्रेस केवल किसानों को भ्रमित करने और राजनीतिक लाभ लेने का काम कर रही है जबकि भाजपा सरकार लगातार किसानों के हित में ऐतिहासिक फैसले लेकर उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बना रही है मंत्री राजपूत ने कहा कि कांग्रेस को धरना-प्रदर्शन करने के बजाय खरीदी केंद्रों पर पहुंचकर किसानों की सेवा करनी चाहिए उन्होंने कहा कि कम से कम किसानों को एक गिलास ठंडा पानी ही पिला दें इससे किसानों को राहत मिलेगी सड़क पर प्रदर्शन कर आम जनता को परेशान करना समाधान नहीं है उन्होंने कहा कि किसानों का भाजपा सरकार पर पूरा भरोसा है क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व में खेती को लाभ का धंधा बनाने की दिशा में लगातार कार्य किए गए हैं भाजपा सरकार ने किसानों को योजनाओं से जोड़कर उन्हें आर्थिक सुरक्षा देने का काम किया है
मंत्री राजपूत ने  कहा कि कांग्रेस को किसानों के मुद्दे पर आंदोलन करने के बजाय किसानों से छल, झूठ और वादाखिलाफी के लिए माफी मांगनीचाहिए उन्होंने कहा कि कांग्रेस शासनकाल में किसानों को उनकी उपज का उचित समर्थन मूल्य नहीं मिल पाता था, जबकि भाजपा सरकार ने समर्थन मूल्य में लगातार वृद्धि कर किसानों को लाभ पहुंचाया है उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने वर्षों तक स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों को लागू नहीं किया, लेकिन वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार बनने के बाद किसानों को लागत का डेढ़ गुना समर्थन मूल्य देने की दिशा में निर्णायक कदम उठाए गए मंत्री राजपूत ने कहा कि कांग्रेस शासनकाल के 55 वर्षों में गेहूं का समर्थन मूल्य केवल लगभग 500 रुपए बढ़ाया गया जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले वर्षों में गेहूं के समर्थन मूल्य में लगभग 1300 रुपए की वृद्धि हुई है मंत्री राजपूत ने बताया कि भंडारण व्यवस्था को मजबूत करने के लिए गोदामों की क्षमता 100 प्रतिशत से बढ़ाकर 120 प्रतिशत तक करने की व्यवस्था की गई है किसानों की सुविधा को देखते हुए गेहूं उपार्जन की अंतिम तिथि 9 मई 2026 से बढ़ाकर 23 मई 2026 कर दी गई है उन्होंने बताया कि प्रदेश में 85 लाख मीट्रिक टन गेहूं उपार्जन हेतु पर्याप्त बारदाना उपलब्ध है तथा शेष बारदाना ट्रांजिट में है मुख्यमंत्री मोहन यादव के निर्देश पर समर्थन मूल्य पर खरीदे गए गेहूं का शीघ्र परिवहन भी सुनिश्चित किया जा रहा है मंत्री राजपूत ने कहा कि भाजपा सरकार की किसान हितैषी नीतियों के कारण मध्यप्रदेश में कृषि उत्पादन में रिकॉर्ड वृद्धि हुई है आज मध्यप्रदेश दलहन और सोयाबीन उत्पादन में देश में प्रथम, गेहूं उत्पादन में द्वितीय तथा खाद्यान्न एवं तिलहन उत्पादन में अग्रणी राज्यों में शामिल है उन्होंने कहा कि जो मध्यप्रदेश कभी गेहूं का आयातक राज्य माना जाता था, वही आज 47 से अधिक देशों को गेहूं निर्यात कर रहा है प्रदेश का बासमती चावल खाड़ी देशों यूरोप, अमेरिका और अफ्रीकी देशों तक भेजा जा रहा है।

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