कड़ी मेहनत दूर दृष्टि और पक्का इरादा ही सफलता का मूल मंत्र

डॉक्टर हरीसिंह गौर विश्वविद्यालय सागर के शिक्षाशास्त्र विभाग में  उच्चतर शिक्षा विभाग शिक्षा मंत्रालय भारत सरकार के तत्वावधान में पंच प्रण विकसित भारत 2047 की संकल्पना विषय पर दो दिवसीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें प्रथम दिवस अनुपयोगी वस्तुओं से उपयोगी वस्तु निर्माण विषय पर प्रतियोगिता और द्वितीय दिवस एक राष्ट्र एक चुनाव विषय पर वाद विवाद प्रतियोगिता एवं पुरस्कार वितरण कार्यक्रम का आयोजन हुआ समापन दिवस के कार्यवाहक प्रो.वाई.एस.ठाकुर  के अध्यक्षता में पुरस्कार वितरण समारोह का आयोजन किया गया कार्यक्रम में अतिथिगण का औपचारिक स्वागत शिक्षाशास्त्र विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. अनिल कुमार जैन ने किया पंच प्रण कार्यक्रम की संयोजिका डॉ.अनूपी समैया  ने कार्यक्रम के पंच प्रण (संकल्प) 1.विकसित भारत का संकल्प, 2.औपनिवेशिक मानसिकता से मुक्ति, 3. हमारी विरासत पर गर्व करना, 4.हमारी एकता को बनाये रखना,और 5. हमें अपने नागरिक कर्तव्यों के प्रति जागरूकता एवं संकल्पित किया जाना पर चर्चा करते हुए कार्यक्रम की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत की
विशिष्ट अतिथि के रूप में पधारे पंच प्रण और साइबर सुरक्षा समिति के अध्यक्ष प्रो. नागेश दुबे ने अपने वक्तव्य में युवाओं को कर्तव्यपरायणता का बोध कराते हुए राष्ट्र निर्माण में सार्थक योगदान करने का आह्वान करते हुए कहा कि मानसिक गुलामी ही हमारे लक्ष्य प्राप्ति में सबसे बड़ी अवरोध है अतः हमें समय की मांग को देखते हुए खुले मन मस्तिष्क से अनवरत सीखने पर जोर देना चाहिए
अपने अध्यक्षीय उदबोधन में प्रो.प्रो.वाई. एस.ठाकुर ने सभी से एकजुट होकर विकसित भारत के लक्ष्य की ओर बढ़ने पर बल देते हुए कहा कि कड़ी मेहनत,दूर दृष्टि और पक्का इरादा ही सफलता का मूल मंत्र है आपने अपने जीवन में विभिन्न देशों की यात्रावृत्तांत का अनुभव साझा करते हुए सभी से ईमानदारी पूर्वक अपने अपने कर्तव्यों का पालन करने के लिए प्रेरित किया।  

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