जिंदा जली तीन बच्चियां दो की मौत दमोह में झोपड़ी में आग लगने से हादसा

दमोह में एक झोपड़ी में आग लगने से दो बच्चियों की मौत हो गई।जबकि एक गंभीर रूप से झुलस गई। उसे जबलपुर रेफर किया गया है।हादसा बुधवार शाम करीब 5.30 बजे जिले के हटा ब्लॉक के बरोदा गांव में हुआ है। जहां खेत में बनी एक झोपड़ी में आग लगी। उस समय झोपड़ी में जाह्नवी ( उम्र 5 साल), कीर्ति ( उम्र 3 साल) और हीर (उम्र 5 माह) मौजूद थीं। आग में झुलसने से जाह्नवी और कीर्ति की मौत हो गई।दमोह कलेक्टर सुधीर कोचर ने बताया- झोपड़ी में आलू उबालने के लिए रखे थे। उसी दौरान आग फैल गई। मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव ने मृत बच्चियों के परिजनों को 2-2 लाख लाख रुपए की सहायता राशि देने की घोषणा की है। वहीं घायल बच्ची के इलाज के लिए एक लाख रुपए देने की बात कही है।पिता ने कहा- तीनों बेटियां झोपड़ी में थीं
बच्चियों के पिता गोविंद आदिवासी ने बताया कि 'मैं सागर जिले की बंडा तहसील के तारौली गांव का रहने वाला हूं। इस साल मैंने हटा ब्लॉक के बरोदा गांव में खेती की सिंचाई का ठेका लिया है। अपने परिवार के साथ यहीं रह रहा हूं। शाम के समय खेत में प्याज की छिलाई कर रहा था। झोपड़ी में मेरी पत्नी और तीनों बेटियां मौजूद थीं।कुछ देर बाद मेरी पत्नी मेरे पास आ गई और मुझसे बात करने लगी। जब हमने पलट कर पीछे देखा तो झोपड़ी में आग लगी हुई थी। मैं अपनी पत्नी के साथ और आसपास के कई लोग आग बुझाने के लिए झोपड़ी की तरफ भागे, लेकिन झोपड़ी की आग बहुत तेज हो गई, जिसमें मेरी तीनों बेटियां आग में झुलस गईं। जैसे तैसे झोपड़ी की आग बुझाने के बाद बच्चों को बाहर निकाला और उन्हें अस्पताल लेकर आ गए।पिता का कहना है कि आग लगने का कारण सामने नहीं आया है। जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। मोबाइल भी आग में जल गया है।5 महीने की बेटी की हालत गंभीर जिला अस्पताल के सर्जन डॉक्टर उमेश तंतुवाय ने बताया कि तीन बच्चियां झुलसी हुईं अस्पताल पहुंची थी, जिनमें से दो की मौत हो गई है। 5 महीने की एक बच्ची की हालत काफी नाजुक है। जिला अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद उसे जबलपुर रेफर कर दिया गया है।सीएम ने हादसे पर जताया दुखसीएम डॉ.मोहन यादव ने हादसे पर दुख जताया है। उन्होंने मृतक बच्चियों के परिजन को 4-4 लाख रुपए की आर्थिक मदद देने का ऐलान किया है।

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