सागर. डॉक्टर हरीसिंह गौर विश्वविद्यालय सागर ने भारतीय सेना के अग्निवीरों को रोजगारोन्मुख पाठ्यक्रम प्रदान करने की दिशा में कार्य प्रारम्भ कर दिया है. विश्वविद्यालय के कम्युनिटी कॉलेज के माध्यम से अगस्त माह से पंजीकरण प्रारम्भ क्र दिए गये हैं. शुरुआती तौर पर कम्युनिटी कॉलेज के माध्यम से संचालित सर्टिफिकेट कोर्स इन प्रोफेशनल कम्युनिकेशन और सर्टिफिकेट कोर्स इन इंटरप्रेन्योरशिप में प्रवेश दिया गया है. दोनों पाठ्यक्रमों में अभी 487 अग्निवीरों ने प्रवेश लिया है. इनकी संख्या अभी और बढ़ेगी.गौरलतब है कि विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. नीलिमा गुप्ता के मार्गदर्शन एवं नेतृत्व में भारतीय सेना के महार रेजीमेंट और विश्वविद्यालय के बीच अकादमिक समझौता पत्रक पर हस्ताक्षर किये गये थे. इसका उद्देश्य महार रेजीमेंट के अधिकारियों, सैनिक, अग्निवीर और उनके परिवारजनों के शैक्षणिक, व्यावसायिक एवं तकनीकी दक्षता का उन्नयन है. इसके तहत विश्वविद्यालय द्वारा संचालित विभिन्न डिग्री एवं डिप्लोमा, प्रमाण पत्र पाठ्यक्रम एवं तकनीकी प्रशिक्षण दिया जायेगा.
विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. नीलिमा गुप्ता ने कहा कि भारतीय सेना की एक इकाई के रूप में महार रेजीमेंट जहां जाबाज एवं कुशल सैनिक तैयार कर रही है वहीं एक विश्वविद्यालय के रूप में हम अपनी भूमिका का निर्वाह करते हुए उन्हें शैक्षणिक, व्यावसायिक एवं तकनीकी दक्षता के साथ डिग्री भी प्रदान करेंगे ताकि भारतीय सेना के जवान सेवाकालीन समय में भी अपनी शिक्षा जारी रख सकें. दूरस्थ शिक्षा के माध्यम से भी जवानों को जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है. इस माध्यम से भी सेना के जवानों को बेहतर भविष्य के लिये अपनी शैक्षणिक एवं व्यावसयिक योग्यता बढ़ाने में मदद मिलेगी.कम्युनिटी कॉलेज नोडल अधिकारी प्रो. सुशील कुमार काशव ने बताया कि कम्युनिटी कॉलेज के जिन दो पाठ्यक्रमों में अग्निवीरों को प्रवेश दिया गया है वह अग्निवीरों को व्यावसायिक भाषा ज्ञान में विशेष परिपक्वता प्रदान करेगा और कम लागत में उद्यमिता के लिए को प्रेरित करेगा. अग्निवीरों की कक्षाओं का संचालन महार रेजिमेंट सेंटर में ही किया जाना है. कम्युनिटी कॉलेज द्वारा भी विशेष कक्षाओं का आयोजन किया जा रहा है.
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