सागर।भगवान श्रीराम के पुत्र भगवान लव-कुश केवल हमारे आराध्य नहीं, बल्कि साहस, संस्कार, शिक्षा स्वाभिमान, न्याय और सत्य के प्रतीक हैं उनके जीवन से हमें यह सीख मिलती है कि परिस्थितियां कैसी भी हों हमें सत्य और संस्कारों का मार्ग कभी नहीं छोड़ना चाहिए आज आवश्यकता है कि हम भगवान लव-कुश के आदर्शों को अपने जीवन में उतारते हुए आने वाली पीढ़ी को शिक्षा, संस्कार और बेहतर भविष्य देने का संकल्प लें यह बात मध्यप्रदेश शासन के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री तथा सुरखी विधायक गोविंद सिंह राजपूत ने भगवान लव-कुश जन्म उत्सव एवं सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए कही अखिल भारतीय कुशवाहा महासभा द्वारा आयोजित भगवान लव-कुश जन्म उत्सव एवं सम्मान समारोह में मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने भगवान लव-कुश का स्मरण करते हुए कहा कि कुशवाहा समाज का गौरवशाली इतिहास रहा है समाज ने कृषि, शिक्षा,व्यापार,उद्यम, समाजसेवा और राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया है उन्होंने कहा कि समाज की वास्तविक शक्ति उसकी युवा पीढ़ी है और यदि युवाओं को अच्छी शिक्षा, संस्कार, कौशल और अवसर मिलें तो वे न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे समाज और देश को आगे ले जा सकते हैं शिक्षा से बदलेगी नई पीढ़ी की दिशा मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने कहा कि बच्चों की शिक्षा हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता होनी चाहिए युवा केवल नौकरी लेने वाले नहीं, रोजगार देने वाले बनें मंत्री ने युवाओं से कहा कि आज के समय में केवल सरकारी नौकरी की प्रतीक्षा करना ही सफलता का रास्ता नहीं है युवाओं को तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास, स्वरोजगार, उद्यमिता और आधुनिक व्यवसाय के क्षेत्र में भी आगे बढ़ना चाहिए उन्होंने कहा कि “हमारे युवा पढ़ें, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करें, खेलों में आगे बढ़ें, तकनीकी शिक्षा प्राप्त करें और रोजगार के साथ-साथ रोजगार देने वाले भी बनें गोविंद सिंह राजपूत ने कहा कि समाज की बेटियां किसी भी क्षेत्र में बेटों से पीछे नहीं हैं शिक्षा, खेल, प्रशासन, चिकित्सा, विज्ञान और अन्य क्षेत्रों में बेटियां लगातार अपनी प्रतिभा साबित कर रही हैं उन्होंने कहा कि हमारा संकल्प होना चाहिए कि बेटी को शिक्षा मिले, बेटी को सम्मान मिले और बेटी को आगे बढ़ने का पूरा अवसर मिले उन्होंने कहा कि जब बेटी शिक्षित और आत्मनिर्भर बनेगी तो परिवार मजबूत होगा और परिवार मजबूत होगा तो समाज तथा राष्ट्र भी मजबूत होगा कुशवाहा समाज मेहनत और राष्ट्र निर्माण की पहचान मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने कहा कि कुशवाहा और पटेल समाज की पहचान मेहनत, ईमानदारी कृषि, उद्यम और राष्ट्र निर्माण से जुड़ी है हमारे किसान खेतों में अन्न पैदा कर देश का पेट भरते हैं, हमारे युवा शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में आगे बढ़ रहे हैं तथा समाज के लोग व्यापार और सामाजिक सेवा में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं उन्होंने समाजजनों से कहा कि हमें अपने गौरवशाली इतिहास को याद करने के साथ-साथ भविष्य की पीढ़ी के निर्माण पर भी ध्यान देना होगा बच्चों को शिक्षा देना, युवाओं को अवसर देना और समाज में एकता बनाए रखना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है गोविंद सिंह राजपूत ने कहा कि भगवान लव-कुश जन्मोत्सव केवल किसी एक समाज के गौरव का पर्व नहीं है, बल्कि यह सामाजिक समरसता और भाईचारे का संदेश देने का अवसर भी है हमें समाज के बीच दूरी नहीं, बल्कि संवाद और भाईचारा बढ़ाना चाहिए मेधावी विद्यार्थियों और समाजसेवियों का हुआ सम्मान कार्यक्रम में मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने कुशवाहा समाज के मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया इसके साथ ही समाजहित, सामाजिक सेवा,शिक्षा,डाॅक्टर वकील एवं अन्य क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले समाज के लोगों को भी सम्मानित किया गया मंत्री ने सम्मानित विद्यार्थियोंऔर समाजसेवियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उनकी उपलब्धियां समाज की नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा हैं उन्होंने कहा कि जो विद्यार्थी आज सम्मानित हो रहे हैं, वे भविष्य में अपने परिवार, समाज और जिले का नाम रोशन करें समाज को ऐसे प्रतिभावान युवाओं को प्रोत्साहित करते हुए उनके साथ खड़ा होना चाहिए अखिल भारतीय कुशवाहा महासभा के इस आयोजन में नरयावली विधानसभा के विधायक प्रदीप लारिया, ग्वालियर लोकसभा सांसद भारत सिंह कुशवाहा, राष्ट्रीय महामंत्री कुशवाहा समाज अर्जुन पटेल महासचिव नारायण सिंह कुशवाहा, विदिशा से राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश ग्वालियर, राजेश कुशवाहा, हरदा से प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती उषा पटेल, जिला पंचायत सदस्य प्रदीप पटेल कनेरा, अनिल पटेल, माया पटेल, गोविंद पटेल सिहोरा, श्याम पटेल, पिपरा, शिवराज पटेल राहतगढ़ शोभाराम पटेल, जगदीश पटेल, चंदन, शिवम पटेल रूपलाल,प्रमोद सहित शहर तथा जिले भर से जनप्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में कुशवाहा समाज के लोग उपस्थित रहे कार्यक्रम में भगवान लव-कुश के आदर्शों का स्मरण करते हुए समाज की एकता, शिक्षा संस्कार, युवा शक्ति, महिला सशक्तिकरण और राष्ट्र निर्माण की दिशा में आगे बढ़ने का संकल्प लिया गया।
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