अश्लील वीडियो फोटो वायरल करने की धमकी देकर बार बार गलत काम करने वाले आरोपी को 10साल कारावास

सागर।जिला न्यायालय में सप्तम अपर जिला न्यायाधीश  उत्तम कुमार डार्वी के न्यायालय द्वारा बलात्कार के प्रकरण में अपराधी को 10 साल की सजा सुनकर जेल भेजा गया उक्त प्रकरण में मध्य प्रदेश शासन की ओर से पैरवी करने वाले अपर लोक अभियोजक दीपक पौराणिक ने बताया कि ग्राम भानगढ़ थाना राहतगढ़ के रहने बाली पीड़िता ने अपने पति के साथ थाना अयोध्यानगर भोपाल में उपस्थित होकर एक आवेदन पत्र प्रस्तुत किया कि वह वर्तमान में भोपाल में अपने पति एवं बच्चों के साथ रहती है वह मूलतः ग्राम भानगढ़ थाना राहतगढ़ की रहने वाली है गांव में उसके मोहल्ले का  रहने वाला अनिल रजक जो उसके गांव में उसके मोहल्ले में रहता है वही पीड़िता की किराने की दुकान है तो अभियुक्त अनिल रजक दुकान पर राजश्री लेने और अन्य चीजें लेने आता है उसका नंबर अनिल को कहीं से मिल गया तो उसका फोन आया कि उसे पीड़िता से बात करनी है तो पीड़िता ने बात करने से मना कर दिया फिर भी अनिल रजक उसे परेशान करता रहता था और रोज फोन लगाता था जिससे उनकी सामान्य बातचीत होने लगी और अनिल उससे मिलने की बात करता था और वह मना करती थी एक दिन अनिल राजश्री लेने के बहाने उसकी दुकान के अंदर आ गया और उसके साथ जबरदस्ती करने की कोशिश करने लगा और पीछे वाले कमरे में ले जाकर, उस समय उसके घर पर कोई नहीं था उसके घर जबरदस्ती शारीरिक संबंध बनाये एक-दो बार अनिल ने और उसके साथ जबरदस्ती संबंध बनाये फिर उन दोनों की सहमति से संबंध बनने लगे उसके घर पर जब अनिल के बारे में पता चला तो उसने अनिल से बात करना बंद कर दिया था और दिनांक 04.01.2023 को उसके अनिल से आखिरी बार संबंध बने थे जब उसके पति को पता चला तो उसने अभियुक्त से बात करना बंद कर दिया उसके बाद भी अनिल रजक उस पर दबाव बनाता था और शारीरिक संबंध बनाता था इसके पश्चात् उसके पति उसे एवं बच्चों को लेकर दिनां 13.01.2023 को भोपाल आ गये थे फिर अनिल ने फोन लगाकर ब्लैकमेल किया था कि अगर उसने उसकी बात नहीं मानी तो वह उसकी फोटो वायरल कर देगा और सबको बताकर बदनाम कर देगा उसे अनिल से डर है कि वह उसकी समाज में छवि धूमिल कर देगा अनिल ने उसके साथ जबरदस्ती संबंध बनाये थे और अब उसे ब्लैकमेल कर रहा है इस बात पर से पहले पुलिस थाना अयोध्यानगर भोपाल में अंतर्गत धारा 376, 376 (2)(n), 509, 506 भा.दं.सं. के तहत जीरो पर कायमी की गई तथा फिर मामला राहतगढ़ थाने भेजा गया जहां प्रकरण की अग्रिम विवेचना हुए तथा एफ आई आर की गई तथा मामला सप्तम जिला न्यायाधीश के समक्ष आया जहां पुलिस और शासन का पक्ष अपर लोक अभियोजक दीपक पौराणिक ने रखा उन्होंने सभी 14  गवाह कराए मेडिकल रिपोर्ट डॉ के बयान पीड़िता उसके परिजनों को बयान पुलिस के बयान कराए 19  दस्तावेज प्रदर्श कराए जिसके बाद सारा प्रकरण के देखते हुए अपराधी अनिल रजक को धारा 376 एवं 376 (2)(n) में भारतीय दंड संहिता के अंतर्गत 10 वर्ष का सश्रम कारावास तथा ₹5000 जुर्माना सुनाया गया अपराधी को सजा सुना कर केंद्रीय जेल सागर भेज दिया गया।

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