खुले चैंबर में घायल हुए घोड़े 'बादल' की मौत अंतिम संस्कार में उमड़ी भीड़

सागर। नगर निगम के खुले चैंबर में फंसकर गंभीर रूप से घायल हुए घोड़े 'बादल' की उपचार के दौरान मौत हो गई रविवार को उसके अंतिम संस्कार में बड़ी संख्या में लोगों ने पहुंचकर श्रद्धांजलि अर्पित की घोड़े की मौत के बाद परिवार में शोक का माहौल है जानकारी के अनुसार पटेल परिवार के प्रदीप पटेल यशवंत पटेल एवं उनके पिता चक्रेश पटेल पिछले करीब 11 वर्षों से घोड़े 'बादल' का अपने परिवार के सदस्य की तरह पालन-पोषण कर रहे थे बताया गया कि एक बारात के दौरान दूल्हे की निकासी निकल रही थी तभी रास्ते में नगर निगम द्वारा छोड़े गए खुले चैंबर में घोड़े का पैर फंस गया हादसा इतना गंभीर था कि उसके पैर की हड्डियां कई जगह से टूट गईं घोड़े को पहले सागर में प्राथमिक उपचार दिया गया जिसके बाद बेहतर इलाज के लिए जबलपुर रेफर किया गया करीब 10 दिनों तक चले उपचार के बाद उसकी मौत हो गई रविवार को पटेल परिवार ने अपने पैतृक भूमि पर पूरे विधि-विधान के साथ घोड़े का अंतिम संस्कार किया इस दौरान बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे और भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की इस घटना के बाद नगर निगम की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि खुले चैंबर में किसी व्यक्ति बच्चे या अन्य पशु के साथ ऐसा हादसा हो जाए तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा लोगों ने शहर में खुले पड़े चैंबरों को तत्काल सुरक्षित कराने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

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