सागर। कुलपति प्रो. यशवंत सिंह ठाकुर की प्रेरणा एवं मार्गदर्शन में डॉक्टर हरीसिंह गौर विश्वविद्यालय के राजभाषा प्रकोष्ठ द्वारा दिनांक 09 जून 2026 को गौर समिति कक्ष में मशीनी अनुवाद परिचय एवं प्रयोग विषय पर एक दिवसीय हिंदी कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया कार्यशाला में विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों सहित 50 से अधिक प्रतिभागियों ने सहभागिता की कार्यक्रम के प्रारंभ में संतोष सोहगौरा, संयुक्त कुलसचिव एवं राजभाषा अधिकारी तथा कार्यशाला के संयोजक ने विश्वविद्यालय के संस्थापक डॉ. सर हरीसिंह गौर को श्रद्धांजलि सुमन अर्पित कर प्रस्तावना वक्तव्य प्रस्तुत करते हुए कार्यशाला के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला उन्होंने कहा कि वर्तमान डिजिटल युग में मशीनी अनुवाद भाषा प्रौद्योगिकी का एक महत्वपूर्ण उपकरण बनकर उभरा है जो राजभाषा हिंदी के प्रभावी क्रियान्वयन तथा ज्ञान के त्वरित आदान प्रदान मं महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है कार्यशाला के विषय-विशेषज्ञ डॉ. अभिज्ञान द्विवेदी, सहायक प्राध्यापक, भाषा विज्ञान विभाग, डॉक्टर हरीसिंह गौर विश्वविद्यालय ने मशीनी अनुवाद की अवधारणा, विकास कार्यप्रणाली एवं उसके व्यावहारिक उपयोगों पर विस्तार से चर्चा की कार्यशाला में सहा यक कुलसचिव राजकुमार पाल, दीपक शाक्यि, श्रीमती ए. लक्ष्मीं, श्रीमती ममता त्रिपाठी एवं आशीष तिवारी, नेटवर्किेंग प्रशासक सचिन सिंह गौतम, प्रणाली विश्लेसषक आंजनेय शुक्लाष अनुभाग अधिकारी रोहित रघुवंशी, रजनीश जैन एवं उमेश चढ़ार तथा अमित कनौजिया, साकेत दुबे, आशीष सैनी, रितु ठाकुर, शिवानी चौरसिया, प्रियंका भदौरिया अंकित जैन, पीयूष चौरसिया, भगत सिंह अहिरवार, अभिनव अग्निहोत्री, रेवाराम पटेल, मंजु कुर्मी, आकांक्षा पाण्डेैय, प्रज्ञा गौर, शशि श्रीवास्तव, अनस खान, देवेन्द्र कुमार सिलार, नीतेश जैन, हर्ष तिवारी, आदित्यज बरमैया, सचिन पटवा, श्रीमती लक्ष्मीज जाटव, अभिजीत देब, ओम सैनी, आकाश दुबे, प्रवीण साहू, अमन जैन प्रभांशु तिवारी, प्रभांशु बांगर, राजाराम चटर्जी, आदित्यि तिवारी, आयुष सोनी, साहिबुद्दीन, विजय कुमार रजक ब्रजेन्द्रग कुर्मी, ब्रजेश साहू, कमल गायरी राउत, आदिल खान, मनोज कुमार कावड़े तथा प्रबल पाण्डेुय सहित विभिन्न विभागों, अनुभागों में कार्यरत 50 से भी अधिक अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने प्रतिभागिता की।
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