बीना रिफाईनरी के नो डब्लपमेंट जोन का गर्माया मुद्दा

सागर।बीना बीपीसीएल रिफाइनरी के चारो ओर पांच किलोमीटर में नो डब्लपमेंट जोन घोषित है जिस कारण वहां कोई भी स्थायी या अस्थाई निर्माण के लिये शासन द्वारा गठित की गयी समिति से अनुमति लेना अनिवार्य है लेकिन बीना रिफाइनरी के विस्तार का कार्य जारी है और निर्माण करने आई कम्पनियों के द्वारा रिफाइनरी के समीप ही अपने प्लांट लगा लिए ओर जिसमे सैकड़ो कर्मचारी निवास भी कर रहे है लेकिन रिफाइनरी के 05 किलोमीटर के दायरे में आने बाले 52 गांव स्थानीय रहवासी ओर  किसानो के लिये किसी भी तरह का स्थायी या अस्थाई निर्माण शासन द्वारा नही करने दिया जाता है और प्रशासन बल पूर्वक निर्माण कार्य रोक देते है ओर रिफाइनरी की सुरक्षा को लेकर लगातार मीडिया में खबरे प्रकाशित हुई और जनप्रतिनिधियों के लिये ओर प्रशासन के द्वारा मजबूरी में निर्माण कर रही कम्पनियों को अपने केम्प हटाने 25 जून की तारीख भी तय की लेकिन उसके वावजूद भी अस्थाई अतिक्रमण नही हटाये गये आज बीना में रिफाइनरी के आसपास के किसानों ने प्रेसवार्ता कर नो डब्लपमेंट कमेटी पर आरोप लगाए की दोहरी नीतियां अपनाई जा रही है कम्पनियों के लिए निर्माण करवाये जा रहे और किसानों के लिये ओर 52 गांव के रहवासियों के लिये कोई निर्माण नही करने दिया जा रहा किसानों का कहना है कि सभी के लिए समान नीति तय की जाए या तो कम्पनियों के द्वारा किये गये निर्माण हटाये जाए या सभी के लिये निर्माण करने की अनुमति दी जाए प्रशासन द्वारा अगर ये निर्णय जल्द नही लिया गया तो आंदोलन करने सड़क पर आयंगे किसान।

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