रेल सेवा सुधार समिति ने एक प्रेस नोट जारी करते हुए बताया कि बीना कटनी तीसरी रेल लाइन तात्कालिक डा मनमोहन सिंह सरकार के रेल बजट 2010-11 में घोषित भोपाल झारसुगुड़ा बाया बीना सागर कटनी बिलासपुर तीसरी रेल लाइन का एक हिस्सा है इसकी शुरुआत 2011_12 में भोपाल बीना तीसरी लाइन निर्माण से हुई थी समिति अध्यक्ष रवि सोनी ने बताया कि भोपाल झारसुगुड़ा रेल लाइन का दूसरा चरण बिलासपुर से झारसुगुड़ा है तीसरे चरण में बीना कटनी तीसरी लाइन का कार्य 2016 में आरंभ हुआ था जिसका आरंभिक अनुमानित बजट 2418 करोड रुपए था और इस रेल लाइन की डेडलाइन फरवरी 2021 निर्धारित की गई थी परंतु यह कार्य 5 वर्ष पश्चात अप्रैल 2026 में पूर्ण हुआ विश्वस्त सूत्रों से ऐसी जानकारी प्राप्त हुई है बीना कटनी तीसरी लाइन का निर्माण अनुमानित लागत से लगभग 1582 करोड़ रूपया ज्यादा खर्च होकर लगभग 4000 करोड़ रूपया मे यह परियोजना पूरी हुई है विलंब के लिए पहले मध्य प्रदेश राज्य सरकार द्वारा भू अर्जन मे लेटलतीफी एवं देर से विभिन्न अनुमतियां देना तो दूसरी ओर केंद्र सरकार द्वारा आवश्यक वार्षिक बजट समय पर उपलब्ध न कराया जाना प्रमुख रहा है 260 किलोमीटर की इस परियोजना में अनुमान से ज्यादा जो बजट खर्च किया गया यदि यह परियोजना समय पर पूर्ण हो जाती तो इस अतिरिक्त खर्च राशि से 140 किलोमीटर की एक नई रेल लाइन तैयार हो सकती थी बीना कटनी तीसरी लाइन समय पर पूर्ण न होने से प्रतिवर्ष न्यूनतम 2200 करोड़ रूपया सलाना लाभ से पश्चिम मध्य रेलवे वंचित रहा बीना कटनी रेल खंड पर 136% कार्यभार है तीसरी रेल लाइन का लाभ केवल कोयला ढलाई को ही मिलेगा यदि ऐसा नहीं है तो अब पाथ खाली होने की समस्या समाप्त हो जाना चाहिए एवं नई रेलगाड़ियां की जो लंबित मांगे हैं वह अब जल्द पूरी होना चाहिए बीना कटनी तीसरी लाइन रेल लाइन का पहला लाभ आम यात्रियों को मिलना चाहिए कोटा गुना झांसी एवं भोपाल से जो पैसेंजर और मेमू ट्रेन बीना तक आती जाती है उनका डेस्टिनेशन दमोह किया जाए और जो पैसेंजर और मेमू ट्रेन प्रयागराज मानिकपुर सतना सिंगरौली बिलासपुर जबलपुर से कटनी तक आती जाती है उनका डेस्टिनेशन सागर स्टेशन किया जाए
रवि सोनी।
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