प्रदेश कांग्रेस महासचिव रेखा चौधरी ने भाजपा के पाखंड और महिलाओं के खिलाफ संगठित अपराधों का किया पर्दाफाश

सागर।लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए संसद में मिली जीत का स्वागत करती है मोदी सरकार ने महिला आरक्षण की आड़ में परिसीमन के माध्यम से सत्ता पर एकाधिकार जमाने की जो साज़िश रची थी विपक्ष की एकजुटता ने उसे विफल कर दिया है संसद में महिला आरक्षण से जुड़े संशोधन विधेयक पर हुए मतदान ने स्पष्ट कर दिया है कि देश अब विभाजनकारी राजनीति को स्वीकार नहीं करेगा यह बात मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी की प्रदेश महासचिव रेखा चौधरी ने मंगलवार को संभागीय मुख्यालय सागर में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान कही जिला कांग्रेस कार्यालय राजीव गांधी भवन में आयोजित इस पत्रकार वार्ता का आयोजन जिला कांग्रेस अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह मुहासा व पत्रकार वार्ता का संचालन प्रदेश मीडिया विभाग के डॉ संदीप सबलोक व आभार संगठन महासचिव आशीष ज्योतिषी ने व्यक्त किया
पत्रकार वार्ता में नगर निगम पार्षद नीलोफर चमन अंसारी, रोशनी वसीम खान, ऋचा सिंह गोंड, सुलेखा राकेश राय सीमा चौधरी, संगीता अहिरवार के साथ ही महिला कांग्रेस प्रदेश पदाधिकारी रेखा सोनी किरण लता सोनी, पार्षद ताहिर खान की विशेष रूप से उपस्थिति रही
प्रदेश महासचिव रेखा चौधरी ने कहा कि संसद में महिला आरक्षण की आड़ में परिसीमन से संबंधित संशोधन विधेयक पर हुए मतदान में कुल 528 मतों में से विधेयक के पक्ष में केवल 230 वोट पड़े जबकि विरोध में 298 मत पड़े जिसके फलस्वरूप यह असंवैधानिक संशोधन गिर गया है उन्होंने कहा कि इस घटना से देश की लोकसभा व विधानसभाओं में महिलाओं को आरक्षण देने के मामले में भाजपा का महिला विरोधी चरित्र एक बार फिर सामने आ गया है भाजपा सरकार की महिला विरोधी नीतियों के चलते आरक्षण के नाम पर देश की आधी आबादी को संवैधानिक धोखे में रखा जा रहा है भाजपा के लिए नारी सम्मान केवल एक चुनावी इवेंट है जबकि हकीकत में उनका हाथ हमेशा शोषकों के साथ रहा है भाजपा सरकार में महिलाओं का सम्मान केवल विज्ञापनों तक सीमित है जबकि धरातल पर सत्ता के संरक्षण में महिलाओं की अस्मत को रौंदा जा रहा है रेखा चौधरी ने सीधा आरोप लगाया कि मोदी सरकार ने जानबूझकर महिला आरक्षण को परिसीमन और जनगणना की उलझनो  में फंसाया है सरकार की मंशा महिलाओं को अधिकार देना नहीं, बल्कि परिसीमन के बहाने बिना जातिगत जनगणना के मनमाने तरीके से चुनावी गणित को अपने पक्ष में मोड़ना था सरकार ने महिला आरक्षण और परिसीमन को एक साथ मिलाकर संविधान के ढांचे को बदलने और सारी 'Executive Power' अपने हाथ में लेने का प्रयास किया यह सीधे तौर पर लोकतंत्र और देश की अखंडता पर हमला था इस अवसर पर सेवादल अध्यक्ष सिंटू कटारे, कमलेश तिवारी, दीनदयाल तिवारी, चमन अंसारी, वसीम खान, आनंद हेला, हेमराज रजक कमल चौधरी हेमलता कुर्मी, ज्योति मलैया, रेखा अहिरवार महेश अहिरवार, अजय अहिरवार, संजय सराफ आदि की उपस्थिति रही।

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