सागर |पुलिस ने एक बार फिर देशभक्ति-जनसेवा के ध्येय वाक्य को चरितार्थ करते हुए एक गरीब युवक के रोजगार के साधन को चंद घंटों में सुरक्षित वापस लौटाया है कंट्रोल रूम की टीम ने तत्परता दिखाते हुए ऑटो में छूटी करीब 3 लाख रुपये की मशीन बरामद कर उसे उसके असली मालिक तक पहुँचाया जब फफक-फफक कर रो पड़ा युवक सुबह लगभग 11:00 बजे पंकज दुबे, जो सिप्ला कंपनी में ब्रीथ फ्री एजुकेटर के पद पर कार्यरत हैं बदहवास हालत में कंट्रोल रूम सागर पहुँचे उन्होंने रोते हुए बताया कि वह मकरोनिया से ऑटो लेकर मेडिकल कॉलेज के पास जा रहे थे लेकिन बस स्टैंड पर उतरते समय उनका बैग ऑटो में ही छूट गया बैग में PFT पल्मोनरी फंक्शन टेस्ट मशीन थी जिसकी कीमत लगभग 2.80 लाख से 3 लाख रुपये के बीच है आजीविका का संकट पंकज की मासिक आय मात्र 15,000 रुपये है उनके लिए यह मशीन न केवल महंगी थी बल्कि उनके रोजगार का एकमात्र साधन भी थी
युवक की पीड़ा और उसकी स्थिति को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने तत्काल कंट्रोल रूम प्रभारी आर के एस चौहान और स्टाफ को सक्रिय होकर बैग खोजने के निर्देश दिए सीसीटीवी ट्रैकिंग महिला आरक्षक रेखा रजक एवं योगेश ने बिना समय गंवाए बस स्टैंड और मकरोनिया मार्ग के सीसीटीवी फुटेज खंगाले और संबंधित ऑटो की पहचान की गई ऑटो के फुटेज और जानकारी को तत्काल पुलिस के सभी ग्रुपों में वायरल किया गया और शहर के सभी फिक्स पिकेट्स व थानों को अलर्ट भेजा गया
पुलिस की सक्रियता और सूचना के प्रसार के चलते जब ऑटो चालक को जानकारी मिली, तो उसने चेक किया और पाया कि बैग सुरक्षित है लगातार 6 घंटे की मशक्कत के बाद ऑटो चालक को थाना गोपालगंज बुलाया गया पुलिस की मौजूदगी में बैग की जांच की गई, जिसमें कीमती PFT मशीन पूरी तरह सुरक्षित और चालू हालत में मिली जैसे ही पंकज दुबे को उनकी मशीन वापस मिली जो युवक सुबह गम के आंसू रो रहा था उसके चेहरे पर खुशी की लहर दौड़ गई पंकज ने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एवं कंट्रोल रूम के समस्त स्टाफ की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए पुलिस प्रशासन का हृदय से धन्यवाद ज्ञापित किया।
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