CMHO कार्यालय के क्लर्क को 5 साल की सजा

सागर।मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय में पदस्थ तत्कालीन लोअर डिवीजन क्लर्क (एलडीसी) को रिश्वत के मामले में अदालत ने शुक्रवार को सजा सुनाई है प्रकरण की सुनवाई विशेष न्यायाधीश शहाबुद्दीन हाशमी की कोर्ट में हुई न्यायालय ने मामले में सुनवाई करते हुए सीएमएचओ कार्यालय की अकाउंट शाखा में पदस्थ तत्कालीन एलडीसी जयकांत दुबे को दोषी पाते हुए 5 वर्ष के सश्रम कारावास और 50 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है शासन की ओर से मामले में पैरवी एडीपीओ एलपी कुर्मी ने की अभियोजन के अनुसार 18 नवंबर 2017 को आवेदक राजेश कुमार अहिरवार ने लोकायुक्त एसपी कार्यालय में शिकायत की थी शिकायत में बताया कि वर्तमान में वह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गढ़ाकोटा में रेडियोग्राफर के पद पर पदस्थ है उसने नवंबर 2017 में अपनी जीपीएस की राशि 3.20 लाख रुपए निकलवाए थे जिसे निकलवाने के एवज में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय सागर में पदस्थ क्लर्क आरोपी जयकांत दुबे 16 हजार रुपए की रिश्वत मांग रहा है आवेदक रिश्वत नहीं देना चाहता शिकायत मिलते ही लोकायुक्त की टीम ने जांच शुरू की जांच में शिकायत सही पाई गई इसी दौरान आरोपी और फरियादी के बीच 14 हजार रुपए की बात पक्की हुई लोकायुक्त टीम ने साक्ष्य जुटाने के बाद ट्रेप दल गठित किया 7 दिसंबर 2017 को लोकायुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए क्लर्क जयकांत दुबे को 14 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए पकड़ा मामला दर्ज कर जांच में लिया जांच के दौरान मामले से जुड़े साक्ष्य जुटाए गए जांच पूरी होने पर चालान कोर्ट में पेश किया गया न्यायालय ने मामले में सुनवाई शुरू की सुनवाई के दौरान अभियोजन ने मामले से जुड़े साक्ष्य व दस्तावेज कोर्ट में पेश किए न्यायालय ने दोनों पक्षों को सुना और साक्ष्यों के आधार पर फैसला सुनाते हुए आरोपी जयकांत को 5 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है।

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