भारत का बीज पुंज है डॉ. हरीसिंह गौर विश्विद्यालय- आशुतोष राणा

सागर।डॉक्टर हरीसिंह गौर विश्वविद्यालय  के गौर उत्सव’ 2025 का आयोजन किया जा रहा है इस क्रम में प्रख्यात सिने अभिनेता और विश्वविद्यालय के पुरा छात्र आशुतोष राणा डॉ. हरीसिंह गौर को श्रद्धांजलि देने विश्वविद्यालय पहुंचे 
उन्होंने डॉ. गौर को याद करते हुए कहा कि डॉ. गौर माँ सरस्वती के मानस पुत्र हैं  जिन्होंने माँ सरस्वती की सेवा में, सरस्वती माँ के माध्यम से अर्जित अपनी सम्पूर्ण सम्पत्ति समर्पित करते हुए सागर विश्वविद्यालय की स्थापना की. कुलपति प्रो.वाई.एस.ठाकुर से बातचीत के दौरान आशुतोष राणा ने कुलपति को गौर उत्सव की बधाई दी साथ ही उन्होने कहा कि डॉ. हरीसिंह गौर विश्वविद्यालय भारत का बीज पुंज हैं जिसमें सारी सभ्यतायें, सारी संस्कृतियां,सारे वर्ग,सारे वर्ण,सारे विषय स्थापित मिल जाते हैं उन्होंने कहा कि सागर से ही निकलकर मैं महासागर में पहुंचा हूँ यह मेरे लिए अनुपम उपहार की तरह है मेरे जीवन में सागर और इस विश्वविद्यालय का अहम् योगदान है सागर विश्वविद्यालय में आगामी दिनों के कार्यक्रमों में आगमन को लेकर उन्होंने कहा कि मैं विश्वविद्यालय का फिक्स्ड डिपाजिट हूँ विश्वविद्यालय जब चाहे मेरा उपयोग कर सकता है कुलपति ने आशुतोष राणा का स्वागत करते हुए कहा कि आशुतोष राणा विश्विद्यालय के उन छात्रों में से रहे जिन्होंने अपने क्षेत्र की ऊंचाइयों की छुआ है.ये हमारे अभी के छात्रों के लिए भी प्रेरणा का विषय कि सागर विश्विद्यालय के छात्र हर क्षेत्र में ऊंचाइयों को छू रहे हैं गौरतलब है कि गौर उत्सव के दौरान दो दिवसीय गौर साहित्य प्रदर्शनी का आयोजन पुस्तकालय परिसर में किया गया है.आशुतोष राणा ने गौर उत्सव के दौरान विश्वविद्यालय के जवाहरलाल नेहरु ग्रंथालय में चल रही गौर साहित्य प्रदर्शनी का अवलोकन किया तदुपरांत गौर प्रांगण स्थित गौर समाधि पर श्रद्धासुमन अर्पित कियेऔर विश्वविद्यालय परिसर में स्थित गौर मूर्ति पर माल्यार्पण किया गौर समाधि पर पुष्पांजलि की
इस अवसर पर गौर उत्सव के मुख्य समन्वयक प्रो.आशीष वर्मा, समन्वयक प्रो.उमेश पाटिल,डॉ.एस.पी.उपाध्याय डॉ. राकेश सोनी, प्रो.राजेन्द्र यादव, प्रो.चंदा बेन, संतोष सोहगौरा,डॉ.मोहन टी.ए.प्रो. अजीत जायसवाल,अखिलेश केशरवानी डॉ.विवेक तिवारी,सुरेन्द्र सुहाने,सहित शहर के गणमान्य नागरिक और छात्र-छात्राएं मौजूद थे ।

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