कायस्थ बंधु समिति ने उनके घर जाकर किया सम्मानित

टीकमगढ़। समाज मे बहुत कम ऐसे लोग होते है जो गृहस्थ जीवन मे रहकर सामाजिक कर्तव्यो का निर्वहन करते हुए अध्यात्मिक विकास के लिए उद्देश्यपूर्ण कार्य कर रहे हो ऐसे व्यक्तित्व समाज मे सर्वदा वंदनीय होते है कायस्थ बंधु समिति ऐसे संतो के सम्मान के लिए गंभीरता से कार्य कर रही है इसी उद्देश्य को लेकर रविवार को होशंगाबाद रोड दीपक नगर में 75 वर्षीय गृहस्थ संत श्री पुन्या सूर्यवंशी के सम्मान मे कार्यक्रम रखा गया कायस्थ बंधु समिति के अध्यक्ष गिरीश श्रीवास्तव ने आपको गृहस्थ जीवन मे रहकर विगत अठारह वर्षों से अध्यात्मिक साहित्यिक लेखन करने पर शॉल श्रीफल प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मान मे भगवान श्री राम के साथ भगवान श्री चित्रगुप्त जी की तस्वीर भेट की संत पुन्या जी ने बताया कि मै गृहस्थ जीवन मे रहकर सांसारिक जिम्मेदारियो का निर्वहन कर श्री रामचरित्र मानष पवित्र ग्रन्थ का नियमित रूप से अध्ययन करने के साथ साथ कायस्थ बंधु के माँसाहार दहेज. मुक्त अभियान के प्रचार प्रसार मे भी सहभागिता कर रहा हू निकट भविष्य मे कायस्थ बंधु समिति के सहयोग से सनातन हिन्दू समाज मे घर घर रामायण घर घर गीता अभियान शुरू करने की योजना है इस सम्मान कार्यक्रम मे परिवार के अन्य सदस्य भी शामिल हुए है गिरीश श्रीवास्तव के अनुसार गृहस्थ जीवन एक तपोवन है जिसमे संयम, धैर्य की साधना करनी पडती है अध्यात्मिक गृहस्थ संत सम्मान ईश्वर सम्मान के समान है ऐसे संतो के सम्मान को लेकर कायस्थ बंधु समिति आगे भी कार्यक्रम करती रहेगी।

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