श्रावण मास' वह दिव्य कालखंड जब संपूर्ण सृष्टि शिवमय हो जाती है वर्षा की हर बूंद मानो गंगाजल बनकर शिवलिंग पर अर्पित होती है और चारों दिशाओं में 'ऊँ नमः शिवाय' की गूंज होती है यह महीना केवल एक धार्मिक पर्व नहीं बल्कि आत्मशुद्धि, आत्मसमर्पण और शिवभक्ति की एक गहन अनुभूति है इस मास में रुद्राभिषेक का विशेष महत्व है जो भगवान शिव को प्रसन्न करने का अत्यंत प्रभावशाली और शुभ माना जाता है