कुरवाई में युवा क्षत्रिय सम्मेलन को संबोधित किया

कुरवाई। यह धारणा बनी है कि जब जब क्षत्रिय विभाजित हुए तब तब देश गुलाम हुआ क्षत्रियों की एकता का सपना राणा सांगा ने देखा था हम सभी को मिलकर वीर साहसी योद्धा राणा सांगा का सपना पूरा करना है यह विचार कुरवाई में आयोजित विधानसभा क्षेत्र स्तरीय युवा क्षत्रिय समाज में हजारों की संख्या में पधारे युवाओं को संबोधित करते हुए व्यक्त किए उन्होंने सम्मेलन में मंच से उतर कर क्षत्रिय समाज के सभी युवाओं का पुष्प वर्षा करके अभिनंदन किया और अपने ओजस्वी भाषण से युवाओं में उत्साह का संचार कर दिया कुरवाई के उत्सव गार्डन में आयोजित युवा क्षत्रिय सम्मेलन में युवा नेता अविराज सिंह ने युवा शक्ति से कहा कि जीवन में उम्र नहीं प्रयास तय करते हैं कि सफलता कितनी बड़ी होगी वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप ने अपने पहला युद्ध 14 वर्ष की आयु में लड़ा साहस व शौर्य के प्रतीक राणा सांगा ने 20 वर्ष की आयु में और महाबली छत्रसाल तथा वीर शिवाजी ने 15 वर्ष की आयु में अपने पहले युद्ध लड़े अने संघर्ष से इतिहास लिख कर में यह तीनों महापुरुष अमर हो गए क्षत्रिय समाज के इतिहास से यह सीख सकते हैं कि युवा जो चाहे वो प्राप्त कर सकते हैं क्षत्रिय युवा पूरे विश्व को जीत सकते हैं। उन्होंने कहा कि संघर्ष की भावना हम सबको विरासत में मिली है। संघर्ष से मिली सफलता विरासत में अर्जित सफलताओं से महान होती है।


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