सागर.डॉक्टर हरीसिंह गौर विश्वविद्यालय सागर के भूगर्भ शास्त्र विभाग ने मिश्रित मोड में अपनी आमंत्रित व्याख्यान श्रृंखला का सफलतापूर्वक शुभारंभ किया प्रसिद्ध ध्रुवीय वैज्ञानिक और गौरवान्वित पूर्व छात्र,डॉ.रसिक रवींद्र द्वारा दिया गया उद्घाटन व्याख्यान अंटार्कटिका के ध्रुवीय क्षेत्रों की भू-आकृति विज्ञान पर केंद्रित था कुलपति प्रो.नीलिमा गुप्ता मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रही उन्होंने विभाग की अकादमिक उत्कृष्टता और जीएसआई, गेट और नेट जैसी प्रतिष्ठित परीक्षाओं को पास करने में छात्रों की सफलता की प्रशंसा की स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी की डीन प्रो.अस्मिता गजभिये भी इस कार्यक्रम में शामिल हुईं कार्यक्रम की शुरुआत सरस्वती वंदना और दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई अतिथियों ने विश्वविद्यालय के संस्थापक डॉ.गौर और भूगर्भ शास्त्र विभाग के संस्थापक प्रमुख प्रो.वेस्ट को श्रद्धांजलि दीआयोजन सचिव मालवीय ने ऑनलाइन प्रतिभागियों का स्वागत किया और डॉ.रसिक रविन्द्र का औपचारिक परिचय दिया व्याख्यान श्रृंखला का उद्देश्य भूविज्ञान के क्षेत्र में अनुसंधान और अकादमिक चर्चा को बढ़ावा देना है डॉ.रसिक रविन्द्र की आकर्षक प्रस्तुति ने अंटार्कटिका में उनके अनुभवों पर प्रकाश डाला और हिमनद, जल और वायु क्रिया द्वारा आकार लेने वाले विभिन्न भू-आकृतियों का पता लगाया विभाग के संकाय सदस्यों,प्रो. कथल,प्रो.रावत,प्रो.मेश्राम,डॉ.प्रजापति, डॉ.खलखो,डॉ.सिंह और डॉ.पटेल,ने वाडिया हॉल में सक्रिय रूप से भाग लिया, जबकि प्रो.थॉमस ऑनलाइन मोड के माध्यम से शामिल हुए सेवानिवृत्त प्रो. चौरसिया और प्रो.आर.के.त्रिवेदी भी मौजूद थे इस व्याख्यान में बड़ी संख्या में छात्र,शोधार्थी,शिक्षाविद और भू-वैज्ञानिक शामिल हुए संकाय सदस्यों,शोध छात्रों और छात्रों ने परिचर्चा में सक्रिय रूप से भाग लिया कार्यक्रम का समापन डॉ. सिल्वाकुमार के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।
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