ब्लड बैंकों की क्षमता पूर्ण होने से चौथे दिन रक्तदान शिविर का समापन हुआ

सागर। पूर्व गृहमंत्री वरिष्ठ विधायक  भूपेन्द्र सिंह के जन्मदिन के उपलक्ष्य में आयोजित रक्तदान शिविर के अंतिम दिवस तक कुल 1612 यूनिट रक्तदान हुआ दस वर्षों के रक्तदान शिविरों में संग्रहित कुल 13112 यूनिट ब्लड की संख्या को देखें तो मध्यप्रदेश तथा देश में किसी एक व्यक्ति के जन्मदिन पर हुए रक्तदान का रिकार्ड है चार दिनों में इस रक्तदान शिविर में संग्रहीत कुल 1612 यूनिट रक्त मिलने से सागर जिला चिकित्सालय व बुंदेलखण्ड मेडिकल कॉलेज के ब्लड बैंक की ब्लड रखने की क्षमता फुल हो गई खुरई सिविल अस्पताल के ब्लड बैंक में आवश्यकता से अधिक रक्त संग्रह हो गया और अतिरिक्त ब्लड की 507 यूनिट्स भोपाल के गांधी चिकित्सा महाविद्यालय एवं हमीदिया अस्पताल से आए विशेष ब्लड कलेक्शन वाहनों को मिलने से वहां के ब्लड बैंक की क्षमता भी लगभग पूर्ण हो गई इन शासकीय ब्लड बैंकों की क्षमता पूरी हो जाने की स्थिति को देखते हुए रक्तदान शिविर का चौथे दिन ही समापन कर दिया गया और सैकड़ों रक्तदानियों को रक्तदान से वंचित रह जाना पड़ा पूर्व गृहमंत्री  भूपेन्द्र सिंह ने रक्तदानियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि विगत दस वर्षों में 13112 यूनिट रक्त दान करने वाले हमारे रक्तवीरों ने सिद्ध कर दिया कि समाज में रक्तदाताओं का अभाव नहीं है सही पहल करने की आवश्यकता जरूरी है सार्वजनिक जीवन में काम कर रहे लोग अपने जन्म दिन जैसे अवसरों का सदुपयोग मानव कल्याण के लिए सफलता पूर्वक किया जा सकता है
पूर्व गृहमंत्री,वरिष्ठ विधायक भूपेन्द्र सिंह ने अपने संदेश में कहा कि एक मंच पर इतने रक्तदाताओं की उपस्थिति बताती है कि समाज में रक्तदान की स्वीकार्यता और जागरूकता के स्तर में वृद्धि की दृष्टि से हमारे रक्तदान शिविरों ने उल्लेखनीय योगदान किया है समाज और देश को जब भी रक्तदान की आवश्यकता होगी समाज पीछे नहीं हटेगा उन्होंने रक्तदाताओं की सराहना करते हुए कहा कि सामाजिक सरोकार के लिए अपना योगदान देने वाले सभी समाज जन उनके हृदय के सर्वाधिक निकट हैं और वे इनके आजीवन ऋणी हैं।
उन्होंने कहा कि इन रक्तदाताओं में समाज के सभी वर्गों से लोगआए हैं भाजपा सहित सभी राजनैतिक दलों के कार्यकर्ता, नेता,जनप्रतिनिधि,किसान,अधिकारी कर्मचारी गण,समाज सेवी, युवा,महिलाएं, पत्रकार साथी समाज के लगभग सभी जाति,धर्म,समुदाय के वर्गों रक्तदान के लिए बड़ी संख्या में लोग सामने आए हैं पूर्व गृहमंत्री सिंह ने कहा कि एक रक्तदान शिविर में 53 बहिनों, बेटियों द्वारा रक्तदान किये जाने से यह तथ्य भी रेखांकित हो गया कि रक्तदान जैसे मानवीय संवेदनाओं से भरे काम में भी महिलाएं पुरुषों को टक्कर देने के लिए तैयार हैं,बस इसके लिए सकारात्मक वातावरण निर्माण करने की आवश्यकता है उन्होंने कहा कि एक यूनिट रक्त के सेप्रेशन से एकत्रित प्लेटलेट्स श्वेत रक्त कणिकाएं,लाल रक्त कणिकाओं जैसे तीन विभिन्न ब्लड कंपोनेंट्स से तीन तरह की रक्ताल्पता से पीड़ित लोगों की जान बच सकती है इस तरह उनके जन्मदिन के निमित्त आयोजित रक्तदान शिविरों से ब्लड की कमी से जूझ रहे हजारों लोगों की प्राण रक्षा हो सकी यह सभी रक्तदाताओं के पुण्य कार्य से संभव हो सका।


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