सागर.डॉक्टर हरीसिंह गौर विश्वविद्यालय सागर के अभिमंच सभागार में सामजिक समरसता गतिविधि श्रृंखला के अंतर्गत एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया कार्यशाला में अनुसूचित जाति कल्याण विभाग मध्य प्रदेश शासन की योजना के तहत अनुसूचित जाति एससी वर्ग के छात्र/छात्राओं को विदेश में उच्च शिक्षा अध्ययन हेतु छात्रवृत्ति एवं वित्तीय सहायता प्रदान राष्ट्रीय छात्रवृत्ति योजना एवं अन्य छात्रवृत्ति योजनाओं की जानकारी दी गई कार्यशाला के उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता करते हुए विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो.नीलिमा गुप्ता ने कहा कि विदेश जाना हर भारतीय का सपना होता है विश्वविद्यालय के छात्रों की यही भावना होती है इसी भावना को ध्यान में रखकर इस कार्यशाला को आयोजित किया गया है भारत से बाहर पढ़ने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है विदेश जाने का यह आशय नहीं है कि हम पढ़कर वहीं बस जाएँ या वहां की नागरिकता लेकर वहीं कार्य करें विदेशों से पढ़ने का मेरा आशय यह है कि विद्यार्थी दुनिया के अलग-अलग देशों से नयी तकनीक ज्ञान और कौशल सीखें और भारत आकर देश की सेवा करें. विकसित भारत की दिशा में यह उनका महत्त्वपूर्ण योगदानहोगा देश सेवा सर्वोपरि है विश्वविद्यालय के संस्थापक डॉ.गौर गांधी जी,डॉ.अम्बेडकर भी विदेश पढ़ने गये लेकिन उन्होंने वहां से ज्ञान प्राप्त कर भारत वापस आकर देश की आजीवन सेवा की विश्वविद्यालय में विदेशी विद्यार्थियों के प्रवेश का भी रास्ता खुल रहा है विश्वविद्यालय के शिक्षकों के 125 से अधिक कोलैबोरेशन हैं कुल मिलाकर शिक्षा के अंतर्राष्ट्रीयकरण की दिशा में भारतआगे बढ़ रहा है हमारा विश्वविद्यालय भी उसी दिशा में कार्य कर रहा है. शिक्षा का अंतर्राष्ट्रीयकरण हो लेकिन भारत के छात्र विदेशों से पढ़कर भारत की सेवा करें, यही मेरी कामना है l
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