सागर डॉ.हरिसिंह गौर विश्वविद्यालय के विधि विभाग द्वारा 14 और 15 मई को दो दिवसीय डॉ.हरीसिंह गौर स्मृति मूट कोर्ट प्रतियोगिता 2025 का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया प्रतियोगिता के उद्घाटन समारोह में विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर नीलिमा गुप्ता ने मुख्य अतिथि के रूप में बोलते हुए कहा कि इस प्रकार की प्रतियोगितायें विद्यार्थियों में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा विकसित करती हैं उन्होंने कहा कि हमारी संस्कृति न्याय सद्भाव,सहयोग और मानवता के सिद्धांतों से परिपूर्ण है हमारे समाज में प्रत्येक व्यक्तिगत, समाज, वर्ग को हमारे संविधान में घरी आस्था है,और हम सभी न्याय के मंदिरों का भी आदर करते हैं अतः सभी शिक्षण संस्थाओं का भी यह दायित्व है कि अध्यताओं में भी हमारी संस्कृति अनुरूप संस्कार पैदा करें,उन्हें एक अच्छा नागरिक बनने के लिए प्रेरित व शिक्षित करें प्रो.नीलिमा गुप्ता ने मूट कोर्ट की उपादेयता उद्धरत करते हुए कहा कि ये प्रतियोगितायें जीवन में सीखने के अवसर प्रदान करती हैं इससे विद्यार्थियों को जो अनुभव मिलता है, वह उन्हें एक अच्छा प्रोफ़ेसनल बनने में मदद करता है प्रतियोगिता में अच्छी तैयारी के साथ भाग लेना महत्वपूर्ण है इससे आत्मविश्वास भी सुदृढ़ होता है इस प्रतियोगिता के अंत में 7 श्रेणीयों में पुरुस्कार दिए गए प्रतियोगिता में दीक्षा चित्रा सिंह ठकुरेले और शगुन वर्मा की टीम ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए विजेता का स्थान प्राप्त किया, जिन्हें ₹5000 की नकद राशि एवं प्रमाणपत्र से सम्मानित किया गया उपविजेता टीम के रूप में केशव नारायण शांडिल्य, स्वरांगी और प्राची परमार को ₹3000 की नकद राशि एवं प्रमाणपत्र प्राप्त हुए श्रेष्ठ वक्ता (पुरुष) का पुरस्कार ₹1000 एवं प्रमाणपत्र के साथ केशव नारायण शांडिल्य को प्रदान किया गया, जबकि श्रेष्ठ वक्ता (महिला) के रूप में सौम्या पांडेय को समान राशि और प्रमाणपत्र प्रदान किए गए श्रेष्ठ शोधकर्ता के रूप में नाज़मीन आलम को ₹1000 एवं प्रमाणपत्र से सम्मानित किया गया। श्रेष्ठ स्मारिका (याचिकाकर्ता) का पुरस्कार प्रियंश पटेल, ऋद्धि तिवारी और अशोक कुमार यादव को तथा श्रेष्ठ स्मारिका (प्रत्युत्तरकर्ता) का पुरस्कार प्रसिद्धि बडकुल एवं मंजरी मुखरिया को ₹1000 की नकद राशि एवं प्रमाणपत्र के साथ प्रदान किया गया कार्यक्रम में नगद पुरुस्कारों को आदिनाथ कार मोटर्स द्वारा प्रयोजित किया गया। साथ ही आयोजन में इंदौर की संस्था इंडियन जुडिसियरी द्वारा भी सहयोग प्रदान किया गया।
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