सागर में नशा मुक्ति केंद्र हो रहा है संचालित बिना कोई अधिकृत परमिशन के

सागरः सागर के पथरिया जार में बिना यासकीय परमिशन के लगभग डेढ़ साल से एक नशा मक्ति केंद्र संचालित हो रहा है। इस केंद्र के पास ऐसा कोई वैध दस्तावेज उपस्थित नहीं है जो कि उन्हें यह केंद्र सांचालित करने की परमिशन देता हो, फिर भी यहां लगभग डेढ़ साल से बेधड़क होकर लोगों को मूर्ख बनाकर पैसे बनाने का वथम किया जा रहा है। केंद्र के  प्रोजेक्ट मैनेजर ने मीडिया के सामने बताया कि फिलहाल सभी प्रकार के रजिस्ट्रेशन अंदर प्रोसेस है.लेकिन जेडी धनसिंह यादव के सहयोग के साथ यह केंद्र लगातार बिना किसी परेशानी के संचालित हो रहा है।इसका स्पष्ट मतलब है कि सरकारी विभाग के कुछ नुमाइंदे चंद पैसों के लालच में आम लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ करने में लगे हुए हैं। बड़ा सवाल ये है कि अगर इस केंद्र में लोगों का इलाज ठीक से नहीं होता.या किसी के भी साथ कोई घटना दुर्घटना हो जाती है तो इसका जिम्मेदार कौन ? यदि ऐसा कुछ भी ऐसा होता है तो शासकीय विभाग यह कहकर पल्ला झाड़ लेंगे कि हमनें किसी को कोई परमिशन ही नहीं दी,और केंद्र के लोगों के प्रति कोई कार्यवाही करने के लिए मरीज के पास भी कोई वाजिब दस्तावेज नहीं मिलेंगे। ऐसे में आखिर इस धांधली का जिम्मेदार कौन? आरोग्य नशामुक्ति एवं पुनर्वास केंद्र में पहुंची हमारी टीम ने वय केंद्र का मुआयना किया तो पता चला कि यहां भर्ती मरीजों की देखभाल के लिए महज 4 लोग ही केंद्र में हैं जिनमें से केवल 2 ही यहां उपलब्ध रहते हैं। मरीजों को देखने आने वाले डॉक्टर की डिग्री भी संदेहजनक है क्योंकि बार बार डॉक्टर का नाम पूंछने पर भी संचालक डॉक्टर का नाम नहीं बता पाए। मरीजों को दी जाने वाली दवाई या योगाभ्यास के बारे में पूछने पर भी संचालकों ने चुप्पी साथ ली। इसका सीधा मतलब ये है कि बिना किसी सुविधा के केवल पैसे बनाने के इरादे से लोगों की जान को यहां जोखिम में डालने का काम किया जा रहा है।इस केंद्र में भर्ती होने वाले मरीजों को इलाज के लिए हर महीने 10 हजार रूपये देने पड़ते हैं, इसमें इन्हें सुविधाओं के नाम पर कुछ भी नहीं मिलता। ना केंद्र में कहीं साफ सफाई है, ना डिग्री बाले डॉक्टर ना ही कोई प्रमाग पत्र। केवल पैसे लेकर मरीजों को प्रताडित कर उनके घरवालों से पैसे ऐंठे जाते हैं।
सागर कलेक्टर संदीप जीआर से इस बारे में बात की गई तो उन्होंने कहा कि फिलहाल इस केंद्र के बारे में उन्हें कोई  जानकारी नहीं है.मीडिया के जरिए जानकारी मिलने के बाद मैंने पड़ताल शुरू की है,जांच के बाद ही कुछ कह पाऊंगा।

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