सागर। भाईदोज के अवसर पर कलम दवात एवं भगवान चित्रगुप्त की पूजन देव चित्रगुप्त मंदिर ट्रस्ट कमेटी के तत्वाधान में बड़ा जीना परकोटा स्थित चित्रगुप्त मंदिर में हुआ बड़ी संख्या में कायस्थ जन मंदिर में उपस्थित हुए भगवान चित्रगुप्त का दूध दही से अभिषेक पूजन के साथ कलम दवात की पूजन की गई अभिषेक पश्चात कायस्थ बंधुओं ने हवन किया इस अवसर पर फूलों की होली भी खेली गई और सभी ने एक दूसरे ने गले लगा कर होली की शुभकामनाएं दी सृष्टि के रचयिता ब्रह्मा जी के 11 लाख वर्षों की तपस्या के समय उनकी काया से उत्पन्न देव चित्रगुप्त धर्माधर्म का लेखा जोखा रखने एवं तदानुसार न्याय के देवता के रूप में पृथ्वी पर पूजे जाते है। देव चित्रगुप्त के पूजन का महत्व देव चित्रगुप्त पाप पुण्य और कर्मों का लेखा-जोखा रखने का कार्य करते हैं इसलिए इनका मुख्य कार्य लेखनी से जोड़कर देखा जाता है यही कारण है कि भाई दूज के दिन चित्रगुप्त जी के प्रतिरूप के तौर पर कलम या लेखनी का पूजन भी किया जाता है धार्मिक मान्यता के अनुसार चित्रगुप्त जी का पूजन करने से बुद्धि वाणी और लेखनी एवं दीर्घायु का आशीर्वाद प्राप्त होता है पूजन कार्यक्रम में जागेश्वर श्रीवास्तव राजेंद्र श्रीवास्तव अनिल श्रीवास्तव मोहन खरे शैलेंद्र श्रीवास्तव अशोक श्रीवास्तव एमके सक्सेना सतीश श्रीवास्तव ज्ञानेंद्र श्रीवास्तव विनोद श्रीवास्तव राजकुमार श्रीवास्तव, अनिल श्रीवास्तव हिलगन शुभम श्रीवास्तव व्योम श्रीवास्तव विजय श्रीवास्तव सीताराम श्रीवास्तव कमलेश खरे संतोष श्रीवास्तव राजेश श्रीवास्तव अभिषेक सक्सेना एड रामकुमार श्रीवास्तव अजय श्रीवास्तव विवेक सक्सेना एड अजय श्रीवास्तव अनिल श्रीवास्तव ओमप्रकाश श्रीवास्तव रमेश कुमार श्रीवास्तव आशीष श्रीवास्तव योगेश श्रीवास्तव मनीष श्रीवास्तव एवं महिला मंडल से उर्मिला श्रीवास्तव, अनुजा खरे अर्चना श्रीवास्तव रचना श्रीवास्तव नीलिमा खरे सावित्री श्रीवास्तव मीना श्रीवास्तव प्रिंसी श्रीवास्तव प्रतिष्ठा सक्सेना तृप्ति श्रीवास्तव सहित बड़ी संख्या में कायस्थ जन शामिल हुए।
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