सट्टा माफिया नेमीचंद पर जिला बदल की कार्यवाई प्रस्तावित पंकज कारोबार का राजदार

सागर। मध्यप्रदेश के सागर शहर में सट्टेबाजी में ख्यातिप्राप्त नाम नेमीचंद जैन को कौन नही जानता यह सट्टा माफिया के नाम से सारे संभाग में चर्चाओं में बना रहता है वहीं साल 2017 में इसके खिलाफ पुलिस कार्यवाई में एक डायरी हाथ लगी थी जिसमें अनेक पुलिसवालों के नाम शामिल होना बताये गए थे साथ ही छपी खबर के अनुसार उक्त कार्यवाई में नेमीचंद के खिलाफ जिला बदर की कार्यवाई की प्रस्तावित हुई थी जो आज दिनांक तक पूरी नही हो सकी हैं।
खबर 11 अक्टूबर 2017 के अनुसार
सट्टेबाज नेमीचंद जैन को कोतवाली पुलिस ने मंगलवार को जिला न्यायालय में पेश किया। कोर्ट ने उसे जमानत पर रिहा कर दिया। आरोपी पर शिकंजा कसने के लिए पुलिस उसका पुराना रिकॉर्ड खंगाल रही है,ताकि उसके खिलाफ जिलाबदर की कार्रवाई की जा सके। कोतवाली पुलिस ने सोमवार रात करीब 10 बजे नेमीचंद को रामपुरा वार्ड से गिरफ्तार किया था। वह जमानत कराने के लिए वकील से मिलने जा रहा था। घेराबंदी कर पुलिस ने उसे दबोच लिया। पांच दिन पहले देर रात पुलिस ने उसके घर पर छापा मारकर उसके एक साथी को गिरफ्तार किया था,लेकिन नेमीचंद फरार हो गया था। चार दिन से पुलिस उसे तलाश रही थी। आरोपी नेमीचंद पुराना सट्टेबाज है। इस काम में उसका परिवार भी सहयोग करता है। चार दिन पहले की गई कार्रवाई में आरोपी के साथी के पास से करीब 3 लाख रुपए की बुकिंग और कैश जब्त किया गया था। शाहपुर निवासी यह शख्स मुंबई और पूना के मटका खेल से उब गया था, वह स्वयं डायमंड खेल के नाम से सट्टा खिलाने लगा था। जिले में उसके दो दर्जन से अधिक एजेंट हैं जो उसके बताए सट्टा के नंबरों पर लोगो से बुकिंग लेते हैं।अब भी नेमीचंद और गुर्गा पंकज कर रहे धड़ल्ले से काम सूत्र बताते हैं कि नेमीचंद अब अस्वस्थ रहने लगा है उसका सारा सट्टे का कारोबार नमकमंडी के पास स्थित एक जरनल स्टोर का संचालक कोई पंकज कर रहा है जो जिले समेत सारे संभाग में सट्टा कारोबार को संभाल रहा है इस दुकान में सट्टे के मास्टरमाइंड बेठे देखें जा सकते हैं,सूत्रों की माने तो कटरा का एक चर्चित चेहरा जो नेताओ के आगे पीछे घूमता है वो ऐसे अनेक लोगो का सेटिंगबाज है जो थानों के इर्दगिर्द प्रायः देखा जाता हैं ? पुलिस की संदेहास्पद कार्यप्रणाली जानकार बताते हैं कि साल 2017 में जब पुलिस ने नेमीचंद पर शिकंजा कसा था तब से अब तक उसपर मेहरबानी चल रही हैं, पुलिस सूत्र बताते हैं कि तत्कालीन कोतवाली टीआई नवीन जैन के कार्यकाल में सट्टा माफिया नेमीचंद और पंकज उनके चैम्बर में बैठकर चाय की चुस्कियां लगाता था, फिलहाल टीआई के बदले जाने के बाद ऐसी कोई खबर सामने नही आई है पर नेमीचंद का सट्टा नमकमंडी से व अन्य जगह से जोरो पर चलने की जानकारी लगातार मिल रही हैं।

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