विद्यार्थी शिक्षा के साथ-साथ संस्कार भी ग्रहण करें, तभी राष्ट्र निर्माण संभव


कुलाधिपति कन्हैयालाल बेरवाल ने सभी को मकर संक्रांति और केंद्रीय विश्वविद्यालय स्थापना दिवस की बधाई देते हुए कहा कि डॉ.गौर द्वारा स्थापित शिक्षा के इस मंदिर में सभी उनकी भावनाओं और विचारों के अनुरूप कार्य करें.उनके अथक प्रयासों से स्थापित इस विवि से पढ़कर बहुत से छात्रों ने देश-विदेश में नाम रोशन किया है और आज भी कर रहे हैं.उन्होंने कहा कि आज शिक्षा के साथ संस्कारों की भी आवश्यकता है. विद्यार्थियों को चरित्र निर्माण और मानवीय मूल्यों की शिक्षा देकर उन्हें संस्कार देना भी आवश्यक है.उन्होंने विश्वविद्यालय में किये जा रहे नवाचारों की प्रशंसा करते हुए कहा कि इन प्रयासों से समाज को बहुत लाभ मिलेगा.विवि कौशल युक्त शिक्षा की दिशा में प्रयास कर रहा है.देश को विकसित बनाने की दिशा में विश्वविद्यालय अग्रणी रहेगा,युवाओं को सही दिशा मिले, विद्यार्थी चरित्रवान बनें मेरी ऐसी कामना है.कुलपति प्रो.नीलिमा गुप्ता के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर संपादित पुस्तक 'प्रज्ज्वलित दीपशिखा' का विमोचन विवि की कुलपति प्रो.नीलिमा गुप्ता के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर संपादित पुस्तक 'प्रज्ज्वलित दीपशिखा प्रो.नीलिमा गुप्ता' का विमोचन अतिथियों द्वारा किया गया. यह पुस्तक विवि के हिंदी विभाग की अतिथि प्राध्यापक डॉ.लक्ष्मी पाण्डेय द्वारा संपादित की गई है. इस अवसर पर संपादक ने पुस्तक लिखे जाने की पूरी प्रक्रिया, अपने अनुभव और पुस्तक की सामग्री के बारे में परिचय दिया. 

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