सागर.डॉक्टर हरीसिंह गौर विश्वविद्यालय सागर जीवनपर्यंत शिक्षा विभाग की शोध छात्रा सुश्रीआकांक्षा नामदेव ने त्रिभुवन विश्वविद्यालय,काठमांडू,नेपाल में 8-9 दिसंबर को 'समावेशी शिक्षा के परिप्रेक्ष्यऔर क्रियान्वयन मुद्दे,सीखे गए सबक और भविष्य की दिशाएँ' विषय पर आयोजितअंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस मेंअंडरस्टैंडिंग द इंक्लूजन, इन्क्लूजिविटी एंड इन्क्लूसिवनेस थ्रू पॉलिसी डिस्कोर्स"विषय पर शोध पत्र प्रस्तुत किया.जिसमें उन्होंने भारत सहित वैश्विक परिदृश्य में ’विकलांगता की अवधारणा की एक ऐतिहासिक और उद्विकासीय पड़ताल करके भारत की शिक्षा नीतियों में उसके प्रभावों पर प्रकाश डाला.सुश्रीआकांक्षा को दिव्यांगता केअनुभव विषय पर आयोजित परिचर्चा में विषय विशेषज्ञ के रूप में विशेष तौर पर आमंत्रित किया गया,जहां उन्होंने अपने शिक्षायी अनुभवों के आधार पर दिव्यांगता से सशक्तिकरण की यात्रा को प्रस्तुत किया.पत्र वाचन के लिए त्रिभुवन विश्वविद्यालय ने यात्रा हेतु आर्थिक सहायता प्रदान की है.सुश्रीआकांक्षा नामदेव स्वतंत्रता पश्चात भारत में शिक्षा नीतियों के सामाजिक, राजनैतिक परिप्रेक्ष्य पर अपना शोध कार्य कर रही है.
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