सागर।वन परिक्षेत्र मालथौन में लगातार तेदुओं की मौत घटनाएं सामने आ रही है एक -दो साल के अंदर पांच की तेदुओं की मौत की घटनाएं हो चुकी हैं आखिर क्या कारण जंगल छोड़कर रोडो पर दौड़ लगा रहे हैं जंगल की भूमि पर अतिक्रमण होने की वजह से जंगली जानवरों को अतिक्रमणकारियों द्वारा खदेड़ा जा रहा हैं वन विभाग की कार्यप्रणाली कठघरे में हैं शनिवार को मालथौन वन परिक्षेत्र इटवा बरोदिया बीच मे तेंदुए की संदिग्ध मौत का मामला सामने आने से हड़कंप मच गया जिसे वन विभाग रोड एक्सीडेंट के कारण मौत का होना बता रहा हैं वहीं मालथौन टोल प्लाजा की सड़क ऑथरिटी के अधिकारी ने तेंदुए की सड़क एक्सीडेंट की घटना की उनके पास कोई जानकारी नहीं होना बताया नेशनल हाइवे के इटवा के पास सड़क से कुछ दूरी पर मृत अवस्था मे तेंदुए का शव मिलने की सूचना पर वन विभाग का अमला मौके पर पहुचा प्रारंभिक कार्रवाही कर तेंदुए के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सागर ले जाया गया वहां उसका पीएम कराने के बाद अंतिम संस्कार करा दिया प्रथम दृष्टया तेंदुए को पिछले हिस्से में जोरदार चोट लगने से मर गया वन परिक्षेत्र अधिकारी नीतेश सोनी का कहना है एक्सीडेंट के कारण तेंदुए की मौत हुई है यह हाइवे पर एक साल में पांच तेदुओं की सड़क दुर्घटनाओं के कारण मौत हो चुकी है 3 अपने क्षेत्र में दो समीस्थ उत्तर प्रदेश की सीमा में हाइवे पर वहानो की रफ्तार कम करने के लिए एन एच आई को पूर्व में पत्राचार कर चुके है लेकिन उन्होंने वन्य जीव प्राणियों की सुरक्षा संबंध में अब तक कोई कार्रवाही नहीं की गई हैं उन्होंने तेदुएं शिकार होने की घटना से साफ इंकार करते हुए कहा सड़क दुर्घटना के कारण उसकी मौत हुई।
0 Comments