सागर। डॉक्टर हरीसिंह गौर विश्वविद्यालय में स्वच्छता ही सेवा अभियान स्वच्छता कैंपेन 6.0 के अंतर्गत विभिन्न कार्यक्रमों की श्रृंखला में रिड्यूस रीयूज और रीसायकल (3R) विषय पर विश्वविद्यालय परिसर में स्थित स्वदेशी भवन के पर्यावरण विभाग में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया इस पूरे आयोजन की देखरेख कार्यक्रम के समन्वयक डॉ. नीरज उपाध्याय और डॉ. मुकेश कंवर द्वारा की गई विश्वविद्यालय में आयोजित इस पूरे कार्यक्रम को दो मुख्य भागों में विभाजित किया गया था प्रथम भाग में 'रीथिंकिंग ऑफ योर वेस्ट' कचरे पर पुनर्विचार जागरूकता कार्यक्रम इस सत्र की अध्यक्षता वरिष्ठ प्रो. नवीन कानगो ने की जबकि मंच संचालन कार्यक्रम के समन्वयक डॉ.मुकेश कंवर ने किया कार्यक्रम की शुरुआत में डॉ. नीरज उपाध्याय ने विद्यार्थियों को पर्यावरण और वर्तमान समय में इस विषय की महत्ता को समझाते हुए जागरूक किया अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में प्रो. नवीन कानगो ने छात्रों को प्रेरित करते हुए कहा कि हमें अपनी आवश्यकताओं को सीमित करना चाहिए उन्होंने इस्तेमाल की हुई चीजों को तब तक बार-बार उपयोग में लाने की सलाह दी जब तक कि उस वस्तु का अस्तित्व पूरी तरह समाप्त न हो जाए साथ ही उन्होंने वेस्ट मटेरियल से नई और उपयोगी चीजें बनाने पर जोर दिया कार्यक्रम के दूसरे भाग में रीयूज, रीसायकल एंड रिक्रिएट प्रदर्शनी का आयोजन किया गया प्रदर्शनी कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के 40से अधिक छात्र छात्राओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया विद्यार्थियों ने विश्वविद्यालय परिसर से निकलने वाले दैनिक कचरे वेस्ट मटेरियल का उपयोग करके कई जरूरी और रचनात्मक सामग्रियां तैयार कीं इन मॉडल्स में मुख्य रूप से कैलेंडर भूकंपरोधी मकान का मॉडल, वॉटर प्यूरीफायर और सामान होल्डर सामान रखने का स्टैंड आकर्षण का केंद्र रहे कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों द्वारा छात्रों के बनाए हर एक मॉडल पर विस्तार से चर्चा की गई और उनकी रचनात्मकता की सराहना की गई इस अवसर पर विश्वविद्यालय के डॉ. अमित कुमार, डॉ. प्रवीण और डॉ. श्वेता शर्मा विशेषज्ञ के रूप से उपस्थित रहे कार्यक्रम के समापन पर सभी प्रतिभागी छात्रों को भविष्य में भी पर्यावरण संरक्षण के लिए काम करने हेतु प्रेरित किया गया।
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