सागर।सायबर अपराध एवं सायबर ठगी के विरुद्ध पुलिस द्वारा लगातार प्रभावी एवं तकनीकी कार्रवाई की जा रही है इसी क्रम में पुलिस अधीक्षक अनुराग सुजानिया भापुसे द्वारा जिले के समस्त राजपत्रित अधिकारियों एवं थाना प्रभारियों को सायबर अपराधों की पतारसी सायबर ठगी में प्रयुक्त बैंक खातों की पहचान तथा आरोपियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई हेतु निर्देशित किया गया है उ क्त निर्देशों के पालन में जयवीर सिंह भदौरिया,अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बीना एवं नरेंद्र सोलंकी,अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन तथा ललित कुमार कश्यप, नगर पुलिस अधीक्षक सागर के निर्देशन में थाना मकरोनिया पुलिस ने सायबर अपराध से जुड़े एक संगठित नेटवर्क का पर्दाफाश करने में महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त की है पुलिस जांच में सामने आया है कि गिरोह द्वारा बेरोजगार एवं सामान्य व्यक्तियों को कमीशन एवं पैसों का लालच देकर उनके दस्तावेज प्राप्त किए जाते थे तथा उन्हीं दस्तावेजों के आधार पर फर्जी फर्में तैयार कर विभिन्न निजी बैंकों में करंटअकाउंट खुलवाए जाते थे इन खातों को बाद में गिरोह द्वारा अपने नियंत्रण में लेकर सायबर ठगी एवं अन्य संदिग्ध गतिविधियों से प्राप्त राशि के लेन-देन एवं सर्कुलेशन के लिए म्यूल अकाउंट (Mule Account) के रूप में उपयोग किया जा रहा था दिनांक 13/08/2026 को थाना मकरोनिया में फरियादी रोहित पिता रूपराज पटेल द्वारा उपस्थित होकर लिखित शिकायत प्रस्तुत की गई कि उसके दस्तावेजों का दुरुपयोग कर उसके नाम से फर्जी फर्म बनाई गई तथा उसके आधार पर फेडरल बैंक शाखा मकरोनिया में करंट अकाउंट खुलवाया गया है शिकायत को गंभीरता से लेते हुए थाना मकरोनिया पुलिस द्वारा संबंधित बैंक खाते का तत्काल परीक्षण एवं विश्लेषण कराया गया बैंक खाते के प्रारंभिक विश्लेषण में सामने आया कि फरियादी के नाम से “ग्लैमर इंटरप्राइजेस” नामक फर्म तैयार कर उसके नाम से करंट अकाउंट खुलवाया गया तथा फरवरी 2026 से अब तक लगभग 06 माह की अवधि में करीब 90 लाख रुपये का ट्रांजेक्शन किया गया मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में विशेष टीम गठित कर खाते में हुए लेन-देन, संबंधित फर्मों, बैंक खातों एवं तकनीकी साक्ष्यों का विस्तृत विश्लेषण किया गया तथा आरोपियों की गिरफ्तारी हेतु अलग टीम गठित की गई
पूछताछ में सामने आया गिरोह का पूरा नेटवर्क- विवेचना के दौरान पुलिस द्वारा आरोपी धर्मेन्द्र नाहर एवं सोनू दांगी को गिरफ्तार किया गया दोनों आरोपियों से सूक्ष्मता एवं गहनता से पूछताछ की गई पूछताछ में आरोपी धर्मेन्द्र नाहर द्वारा बताया गया कि उसने यह कार्य अमित विश्वकर्मा निवासी भोपाल से मुंबई में सीखा था अमित विश्वकर्मा द्वारा उसे बताया गया था कि ऑनलाइन गेमिंग एवं बैटिंग से प्राप्त राशि के सर्कुलेशन के लिए बैंक खातों की आवश्यकता होती है सके बाद धर्मेन्द्र नाहर ने अपने स्थानीय साथी सोनू दांगी तथा भोपाल निवासी सरमन उर्फ शुभम रैकवार, विपिन गिरी एवं स्वर्णेन्द्र पांडे के साथ मिलकर बेरोजगार व्यक्तियों को पैसों का लालच देकर उनके नाम से फर्जी फर्में तैयार कर निजी बैंकों में बैंक खाते खुलवाना शुरू किया पुलिस द्वारा आरोपियों से प्राप्त जानकारी एवं तकनीकी विश्लेषण के आधार पर अब तक 16 से अधिक फर्जी फर्मों का पता लगाया गया है इन फर्मों के नाम से विभिन्न निजी बैंकों में खाते खोले गए तथा इनका उपयोग संदिग्ध वित्तीय लेन-देन के लिए किया गया 16 से अधिक फर्जी फर्मों का खुलासा जांच में निम्न फर्मों के नाम सामने आए हैं 1.ग्लैमर इंटरप्राइजेस 2.भूपेन्द्र इंटरप्राइजेस3 सूर्या इंटरप्राइजेस 4.समृद्धि टूर एंड ट्रेवल्स 5.लवली स्वीट एंड मसाला चाट सेंटर 6. कार्तिक इलेक्ट्रॉनिक्स 7. स्टार इंटरप्राइजेस 8. राजपूत इंटरप्राइजेस 9.अनुभव ट्रेडर्स 10. सागर ट्रेडर्स 11. शर्मा जी इंटरप्राइजेस 12. सौरभ इंटरप्राइजेस 13. माखन इंटरप्राइजेस 14. अंकेश इंटरप्राइजेस 15. तनविक इंटरप्राइजेस 16.यूनिक टूर एंड ट्रेवल्सइन फर्मों से संबंधित बैंक खातों के प्रारंभिक वित्तीय विश्लेषण में करीब 5.50 करोड़ रुपये से अधिक राशि का ट्रांजेक्शन होना पाया गया है पुलिस द्वारा सभी खातों के लेन-देन का विस्तृत तकनीकी एवं वित्तीय विश्लेषण किया जा रहा है जांच आगे बढ़ने पर संदिग्ध लेन-देन की राशि एवं नेटवर्क में शामिल अन्य व्यक्तियों के संबंध में और महत्वपूर्ण तथ्य सामने आने की संभावना है गिरफ्तार आरोपी 1. धर्मेन्द्र पिता हरिदास नाहर, उम्र 38 वर्ष निवासी सिविल लाइन के पीछे,जिला खजुराहो, छतरपुर (म.प्र.), हाल निवासी शिवनगर, थाना बहेरिया, जिला सागर 2. सोनू दांगी पिता रामेश्वर दांगी, उम्र 28 वर्ष निवासी ग्राम बमोरी घाट, थाना जैसीनगर, जिला सागर
अन्य आरोपी 3.अमित विश्वकर्मा पिता जगदीश प्रसाद विश्वकर्मा, निवासी भोपाल 4.विपिन गिरी पिता अशोक गिरी, निवासी भोपाल 5.स्वर्णेन्द्र पांडे पिता चंद्रभान पांडे, निवासी भोपाल उक्त आरोपियों की भूमिका की जांच की जा रही है तथा फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमों द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
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