मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने कलेक्टर की विशेष पहल

सागर।जिले में मातृ मृत्यु दर और शिशु मृत्यु दर को न्यूनतम स्तर पर लाने तथा जच्चा-बच्चा के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने की दिशा में जिला प्रशासन ने बेहद संवेदनशील एवं कड़े कदम उठाए हैं आज कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल की अध्यक्षता में स्वास्थ्य विभाग की एक विशेष बैठक आयोजित की गई बैठक में कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जिले के संपूर्ण स्वास्थ्य अमले को संवेदनशील बनाने के उद्देश्य से तत्काल प्रभाव से सभी ब्लॉकों में विशेष प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए जाएं इस बैठक में जिला पंचायत सीईओ विवेक के वी, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. देवेश पटेरिया, जिला स्वास्थ्य अधिकारी व अन्य जिला स्तरीय अधिकारी मुख्य रूप से उपस्थित रहे कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सुरक्षा को सुदृढ़ करने के लिए जिले में 'सुमन पंचायत' सुरक्षित मातृत्व आश्वासन पहल को तत्काल शुरुआत करने के निर्देश दिए हैं उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था को बिना किसी विलंब के मैदानी स्तर पर लागू किया जाए ताकि प्रत्येक पंचायत स्तर पर प्रसव और गर्भावस्था के दौरान जटिलताओं से घिरी हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं (HRP) और हाई रिस्क नवजात शिशुओं की पहचान कर उन्हें अविलंब, त्वरित और गुणवत्तापूर्ण उपचार मिलना सुनिश्चित हो सके ग्रामीण क्षेत्रों में आपातकालीन परिस्थितियों के लिए रेफरल नेटवर्क को तुरंत सक्रिय किया जाए, ताकि समय रहते मां और बच्चे की जान बचाई जा सके समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने अनमोल पोर्टल और यू-विन पोर्टल पर हो रही त्रुटियों को लेकर कड़ा रुख अपनाया उन्होंने मैदानी स्तर पर काम करने वाली एएनएम, आशा और कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर को सुधारात्मक निर्देश जारी करते हुए कहा कि गर्भवती महिलाओं का पहली तिमाही में ही समय पर पंजीयन सुनिश्चित किया जाए जो नई विवाहित महिलाएं अन्य क्षेत्रों से शादी करके सागर जिले में आ रही हैं, उनका तुरंत सर्वे कर पंचायत स्तर पर पंजीयन सुनिश्चित किया जाए अति संवेदनशील गर्भवती महिलाओं की पहचान और उनकी विशेष सुरक्षा के लिए जिले के सभी उप स्वास्थ्य केंद्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर हाई रिस्क प्रेगनेंसी वाली महिलाओं की सूची उनके पति के नाम और मोबाइल नंबर के साथ अनिवार्य रूप से रखें ताकि समय पर उनकी ट्रैकिंग हो सके दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों की गर्भवती महिलाओं को प्रसव के संभावित समय से 7 से 10 दिन पूर्व ही अस्पताल के 'बर्थ वेटिंग एरिया' में स्थानांतरित किया जाए प्रसव के बाद जच्चा और बच्चा की निरंतर निगरानी की जाए जिले के स्वास्थ्य अमले नर्सिंग ऑफिसर, एएनएम, आशा कार्यकर्ता, आशा सहयोगी और सीएचओ को संवेदनशील बनाने और तकनीकी रूप से प्रशिक्षित करने के लिए एक विशेष 'प्रशिक्षण मॉड्यूल' तैयार किया गया है इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ बंडा ब्लाक से कलेक्टर की उपस्थिति में किया जा रहा है इसके पश्चात जिले के सभी विकासखंडों में चरणबद्ध तरीके से प्रशिक्षण आयोजित कर मैदानी स्तर पर हो रही त्रुटियों को दूर किया जाएगा
स्वास्थ्य हमले को संवेदनशील करने और डेटा प्रविष्टि की गुणवत्ता और निगरानी को सशक्त बनाने के लिए ब्लॉक स्तर पर विशेष मैटरनल एंड चाइल्ड हेल्थ मॉनिटरिंग सेल का गठन किया जाएगा इस सेल का नेतृत्व ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर और संबंधित एएनएम सुपरवाइजर करेंगे, जो प्रतिदिन डेटा शेयरिंग और केस स्टडी का विश्लेषण करेंगे ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत रिस्पांस दिया जा सके कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने कहा है कि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवा में किसी भी प्रकार की लापरवाही अक्षम्य है 'सुमन पंचायत' के माध्यम से ग्रामीण स्तर तक हर एक माँ और बच्चे को सुरक्षित व स्वस्थ जीवन देना हमारी पहली प्राथमिकता है पूरे स्वास्थ्य अमले को संवेदनशीलता के साथ फील्ड पर काम करना होगा।

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