बांदरी नगर परिषद की बड़ी लापरवाही या सिस्टम की चूक 70–100 परिवारों का आरोप

सागर।जिले की बांदरी नगर परिषद की बड़ी लापरवाही या सिस्टम की चूक 70–100 परिवारों का आरोप
दरअसल मध्यप्रदेश के सागर जिले की बांदरी नगर परिषद की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं सरकार जहां मतदाता सत्यापन और एसआईआर सर्वे को पूरी तरह डिजिटल,पारदर्शी और जीपीएस आधारित बताकर घर-घर सर्वे का दावा कर रही है वहीं बांदरी नगर परिषद के अंतर्गत आने वाले छिरारू मौजा की आदिवासी बस्ती से सामने आई तस्वीरें इन दावों पर सवाल खड़े कर रही हैं छिरारू मौजा की आदिवासी बस्ती के करीब 70 से 100 परिवारों का आरोप है कि उनके मोहल्ले में आज तक एसआईआर सर्वे के लिए कोई अधिकारी या प्रगणक नहीं पहुंचा ग्रामीणों का कहना है कि न उनके मकानों की गिनती की गई, न डिजिटल हाउस नंबर दिए गए और न ही जीपीएस जियो-टैगिंग की गई ग्रामीणों का सवाल है कि जब पूरे प्रदेश में प्रत्येक मकान का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करने का दावा किया जा रहा है तो उनकी पूरी बस्ती सरकारी रिकॉर्ड से बाहर कैसे रह गई उनका कहना है कि रिकॉर्ड में नाम दर्ज नहीं होने के कारण वे कई सरकारी योजनाओं के लाभ से भी वंचित रह जाते हैं अब सवाल यह उठता है कि यदि इस बस्ती का सर्वे नहीं हुआ तो इसकी जिम्मेदारी किसकी है क्या यह प्रशासनिक लापरवाही है या संबंधित अधिकारियों की बड़ी चूक फिलहाल स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है और वे बस्ती का सर्वे कर सभी परिवारों को सरकारी रिकॉर्ड में शामिल करने की मांग कर रहे हैं अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले की जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई करता है या सरकारी दावों और जमीनी हकीकत के बीच का यह अंतर यूं ही बना रहता है।

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