22 साल की बेटी बनी माइनिंग इंस्पेक्टर, पहले ही प्रयास में मिली सफलता, जाने संघर्ष की कहानी

सागर।एक 22 साल की बेटी ने पहले ही प्रयास में माइनिंग इंस्पेक्टर की परीक्षा पास कर इतिहास रच दिया गोपालगंज अहमद नगर निवासी प्रगति पटेल ने MPPSC जैसी कठिन परीक्षा सेल्फ स्टडी की दम पर न सिर्फ पास की है बल्कि प्रदेश में 34 वी रैंक हासिल की है अब पूरे परिवार में ख़ुशी का माहौल है लेकिन इस सफलता की असली कहानी परीक्षा के रिजल्ट से कहीं पहले शुरू होती है प्रगति छह बहनों में सबसे छोटी हैं उनके जन्म के साथ ही मां लीला बाई पटेल को समाज रिश्तेदारों और यहां तक कि परिवार के लोगों के तानों का सामना करना पड़ा हर कोई यही कहता था फिर बेटी हुई घर का वारिस कौन होगा और इतनी बेटियां मां की आंखों में उस समय दर्द था लेकिन दिल में एक अटूट विश्वास भी था कि एक दिन यही बेटियां उनका सिर गर्व से ऊंचा करेंगी आज वह विश्वास सच साबित हो चुका है
सबसे बड़ी बहन वर्षा अपना बुटीक चला रही हैं दूसरी बहन ऋतु इंदौर में फार्मासिस्ट हैं तीसरी बहन आरती गेस्ट टीचर हैं चौथी बहन भारती लैब अटेंडर हैं पांचवीं बहन कीर्ति ने लखनऊ से एमएससी पूरी की है और अब सबसे छोटी बेटी प्रगति ने माइनिंग इंस्पेक्टर बनकर परिवार के संघर्ष को सफलता की नई पहचान दे दी है
प्रगति की तैयारी भी उनकी कहानी की तरह प्रेरणादायक रही सुबह कॉलेज, पूरे दिन पढ़ाई और शाम को घर लौटने के बाद सिर्फ आधे घंटे का आराम इसके बाद रोजाना 4 से 5 घंटे प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी न कोई महंगी कोचिंग न कोई विशेष सुविधा उन्होंने सिर्फ कॉलेज के प्रोफेसरों के नोट्स, लगातार रिवीजन और पिछले वर्षों के प्रश्नपत्रों पर भरोसा किया छह महीने की निरंतर मेहनत ने उन्हें सफलता के शिखर तक पहुंचा दिया किस्मत ने उनकी परीक्षा एक बार और ली इंटरव्यू से महज दो सप्ताह पहले कॉलेज से घर लौटते समय उनका एक्सीडेंट हो गया डॉक्टरों ने आराम करने की सलाह दी लेकिन प्रगति ने अपने सपनों को दर्द से बड़ा माना चोटों के बावजूद उन्होंने तैयारी नहीं छोड़ी और उसी जज्बे ने उन्हें सफलता तक पहुंचा दिया प्रगति के पिता ओम प्रकाश पटेल पिछले 30 वर्षों से डॉ. हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय के केमिस्ट्री विभाग में लैब असिस्टेंट हैं वे मूल रूप से सुर्खी के रहने वाले हैं लेकिन बच्चों की बेहतर शिक्षा के लिए सागर में बस गए आज बेटी की उपलब्धि पर उनकी आंखें नम हैं लेकिन यह खुशी उन सभी वर्षों के संघर्ष से कहीं बड़ी है प्रगति पटेल की कहानी सिर्फ एक सफलता की खबर नहीं है बल्कि समाज के लिए एक संदेश है बेटियां बोझ नहीं होतीं वे परिवार की सबसे बड़ी ताकत होती हैं उन्हें अवसर और विश्वास दीजिए वे सिर्फ अपने माता-पिता का ही नहीं पूरे समाज और प्रदेश का नाम रोशन कर सकती हैं।

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