बैटरी वाली ट्राइसाइकिल मिली तो बढ़ी आत्मनिर्भरता लेकिन विभाग की लापरवाही बनी चिंता

सागर। सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग की योजना के तहत दुंगासरा निवासी दिव्यांग हितग्राही गोवर्धन धानक को बैटरी ऑपरेटेड ट्राइसाइकिल प्रदान की गई ट्राइसाइकिल मिलने के बाद गोवर्धन ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि अब उन्हें आवागमन में काफी सुविधा मिलेगी और वे अपने दैनिक कार्य अधिक आत्मनिर्भरता के साथ कर सकेंगे गोवर्धन धानक ने इस सहायता के लिए जिला प्रशासन का आभार व्यक्त किया उन्होंने विशेष रूप से कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल के प्रति धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन में दिव्यांगजनों को योजनाओं का लाभ मिल रहा है विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर कई सवाल भी सामने आ रहे हैं सामाजिक न्याय विभाग के कार्यालय भवन परिसर में बड़ी संख्या में ट्राइसाइकिलें और अन्य सहायक उपकरण खुले में पड़े होने की शिकायतें लंबे समय से मिल रही हैं इनमें से कई ट्राइसाइकिलें धूप, बारिश और रखरखाव के अभाव में खराब होने लगी हैं हितग्राहियों का कहना है कि जिन संसाधनों का उपयोग दिव्यांगजनों की सुविधा के लिए होना चाहिए वे समय पर वितरण और संरक्षण के अभाव में बेकार होते जा रहे हैं सूत्रों के अनुसार विभागीय कार्यालय में अधिकारियों और कर्मचारियों की समय पर उपस्थिति को लेकर भी समय-समय पर शिकायतें सामने आती रही हैं, जिससे हितग्राहियों को आवश्यक कार्यों के लिए कई बार चक्कर लगाने पड़ते हैं वहीं जिले में नशा मुक्ति केंद्र की अनुपलब्धता भी एक बड़ा मुद्दा बनी हुई है बड़ी आबादी वाले जिले में अब तक एक भी शासकीय निजी नशा मुक्ति केंद्र संचालित नहीं हो सका है जानकारी के अनुसार एक निजी नशा मुक्ति केंद्र की स्थापना का प्रस्ताव पिछले लगभग एक वर्ष से विभाग और अनुमतियों के बीच लंबित बताया जा रहा है इससे नशे की समस्या से जूझ रहे लोगों और उनके परिवारों को उपचार के लिए अन्य जिलों का रुख करना पड़ता है
ऐसे में गोवर्धन धानक को ट्राइसाइकिल मिलने जैसी सकारात्मक पहल निश्चित रूप से सराहनीय है, लेकिन विभागीय व्यवस्थाओं में सुधार, संसाधनों के बेहतर संरक्षण और नशा मुक्ति जैसी महत्वपूर्ण जरूरतों पर भी गंभीरता से ध्यान देने की आवश्यकता महसूस की जा रही है।

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