सागर।चीता स्थापना कार्यक्रम के अगले चरण में वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व में चीतों को स्थानांतरित किया जाना है इस महत्वपूर्ण पहल के तहत स्थानीय ग्रामीणों के बीच चीता प्रजाति, वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व तथा क्षेत्र के अन्य वन्य प्राणियों के संरक्षण के महत्व का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जा रहा है साथ ही चीता प्रजाति के संबंध में प्रचलित भ्रांतियों एवं नकारात्मक धारणाओं को दूर करने तथा वन्यजीव संरक्षण में स्थानीय समुदायों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से रिजर्व के समीपवर्ती ग्रामों में चीता चौपाल कार्यक्रम प्रारंभ किया गया है चीता चौपाल के दौरान ग्रामीणों एवं बच्चों को लघु वृत्तचित्र तथा पावरपॉइंट प्रस्तुतीकरण के माध्यम से चीता संरक्षण, जैव विविधता एवं वन्यजीवों के महत्व की जानकारी दी जाती है कार्यक्रम के अंत में क्विज प्रतियोगिता आयोजित कर सही उत्तर देने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कृत भी किया जाता है उल्लेखनीय है कि कार्यक्रम के संचालन एवं प्रस्तुतीकरण का दायित्व वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व में पदस्थ 30 से अधिक वनरक्षकों एवं दैनिक श्रमिकों द्वारा निभाया जा रहा है इसके लिए उन्हें पिछले एक माह के दौरान चरणबद्ध तरीके से पब्लिक स्पीकिंग, पावरपॉइंट प्रस्तुतीकरण तथा संरक्षण संबंधी विषयों पर प्रश्नोत्तर आदि का विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया गया है चीता चौपाल कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीणों के बीच संवाद स्थापित करते हुए उन्हें उनकी भौगोलिक एवं प्राकृतिक धरोहर से परिचित कराना, वन एवं वन्यजीवों के प्रति स्वामित्व की भावना विकसित करना तथा उनके संरक्षण संबंधी दायित्वों के प्रति जागरूक बनाना है।
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