नरवाई प्रबंधन और प्राकृतिक खेती को लेकर कलेक्ट्रेट में हुई किसान संगोष्ठी

सागर।कलेक्टर संदीप जी आर द्वारा नरवाई फसल अवशेष प्रबंधन को लेकर कृषि संगठनों और किसानों के साथ आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में परिचर्चा की गई जिसका मुख्य उद्देश्य खेतों में आग लगाने की परंपरा को खत्म कर आधुनिक मशीनों और वैज्ञानिक तरीकों से मिट्टी की उर्वरता को बचाना है जिले में गेहूं की कटाई के बाद नरवाई जलाने की घटनाओं को रोकने और पर्यावरण संरक्षण के लिए कलेक्टर ने कड़े कदम उठाए हैं उन्होंने कृषि संगठनों के साथ विशेष परिचर्चा कर किसानों को जे-फार्म (J-Farm) ऐप और आधुनिक मशीनों से जोड़ने के निर्देश दिए कलेक्टर ने कहा कि नरवाई जलाना न केवल पर्यावरण के लिए हानिकारक है बल्कि यह जमीन के मित्र कीटों को भी मार देता है सुपर सीडर का उपयोग करें यह कचरे को खाद में बदल देता है उल्लेखनीय है कि कलेक्टर के निर्देश पर जिले में कृषि सुधार, नरवाई प्रबंधन और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित की गई इस बैठक में मुख्य रूप से नरवाई प्रबंधन, ई-विकास प्रणाली फॉर्मर रजिस्ट्री, प्राकृतिक खेती  पर विस्तृत चर्चा की गई बैठक के दौरान कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीक और पर्यावरण संरक्षण का समन्वय आवश्यक है उन्होंने नरवाई प्रबंधन जिसके तहत फसल कटाई के बाद अवशेषों नरवाई को जलाने से रोकने और उनके उचित निष्पादन के  निर्देश दिए प्राकृतिक खेती से रसायनों के प्रयोग को कम कर प्राकृतिक खेती को जन-आंदोलन बनाने पर जोर दिया इसी प्रकार ई-विकास प्रणाली के अंतर्गत, खाद के ई टोकन सिस्टम, कृषि योजनाओं के डिजिटलीकरण और पारदर्शी क्रियान्वयन की भी समीक्षा की गई कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि कम्बाइन हार्वेस्टर का उपयोग करते समय स्ट्रॉ मैनेजमेंट सिस्टम (SMS) अनिवार्य रूप से लगवाएं साथ ही हार्वेस्टर मालिकों को स्ट्रॉ रीपर मशीन रखने की सलाह दी गई है ताकि नरवाई को भूसे में बदलकर आर्थिक लाभ लिया जा सके इसी प्रकार 'फायर प्रूफ' पट्टी का मॉडल आगजनी की घटनाओं को रोकने के लिए एक व्यावहारिक समाधान सुझाया गया जिसके अंतर्गत किसान खेत की मेढ़ के चारों तरफ 30 से 40 फीट की पट्टी खाली छोड़ें यह पट्टी एक फायर प्रूफ बैरियर की तरह काम करेगी, जिससे यदि किसी एक खेत में आग लगती भी है, तो वह दूसरे खेत तक नहीं फैलेगी कलेक्टर ने किसानों को हैप्पी सीडर और सुपर सीडर जैसी मशीनों के लाभ बताए और बैठक के दौरान ही मशीन खरीदने के इच्छुक किसानों के आवेदन फॉर्म तत्काल भरवाए गए ताकि उन्हें सरकारी सब्सिडी का लाभ मिल सके उपसंचालक त्रिपाठी ने बताया कि मध्य प्रदेश सरकार इन मशीनों पर 40% से 50% तक अधिकतम ₹1.20 लाख तक का अनुदान दे रही है बैठक में किसान भाइयों को J-Farm App के बारे में जानकारी दी गई और किसानों की उत्सुकता पर आप डाउनलोड कराया गया इस ऐप के माध्यम से किसान बिना मशीन खरीदे भी किराए पर आधुनिक यंत्र मंगवा सकते हैं यह 'फार्मर-टू-फार्मर' मॉडल पर काम करता है, जिससे छोटे किसानों को भी ट्रैक्टर और अन्य यंत्र आसानी से उपलब्ध हो जाते हैं प्रत्येक क्षेत्र में किसानों का व्हाट्सएप्प ग्रुप बनाने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि नरवाई न जलाने की अपील, जानकारी साझा करने और आगजनी जैसी घटनाओं की सूचना तुरंत प्रशासन और अन्य किसानों तक पहुंच सके बैठक में सभी विकासखंडों से कृषकों, प्राकृतिक खेती कर रहे किसानों  किसान संघ के प्रतिनिधियों सदस्यों को आमंत्रित किया गया था कलेक्टर ने उपस्थित अधिकारियों और संचालकों को निर्देशित किया कि वे धरातल पर किसानों को नरवाई न जलाने के प्रति जागरूक करें और शासन की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम छोर तक पहुँचाना सुनिश्चित करें बैठक में एडीएम  अविनाश रावत, उप संचालक किसान कल्याण तथा कृषि विकास राजेश त्रिपाठी, उपसंचालक उद्यानिकी पी एस बडोले, डी एस ओ श्रीमती ज्योति बघेल सहित बड़ी संख्या में कृषक,अधिकारी उपस्थित रहे।

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