सागर। डॉ.हरीसिंह गौर विश्वविद्यालय के समाजशास्त्र एवं समाज कार्य विभाग द्वारा राष्ट्रीय सामाजिक रक्षा संस्थान के सहयोग से आयोजित तीन दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का समापन वैलेडिक्टरी सत्र के साथ सम्पन्न हुआ प्रथम तकनीकी सत्र की शुरुआत विषय विशेषज्ञ प्रो. नागेश दुबे, विभागाध्यक्ष,प्राचीन भारतीय इतिहास के संबोधन से हुई उन्होंने अपने व्याख्यान में प्राचीन भारतीय सामाजिक संस्थान जैसे पुरुषार्थ आश्रम यज्ञ में अंतर्निहित सामाजिक सुरक्षा एवं समाज कल्याण की अवधारणा पर विस्तारपूर्वक प्रकाश डाला इसके बाद कार्यशाला में आये समाज कार्य शिक्षकों ने फील्ड से जुड़े अपने अनुभव सभी के साथ साझा किए उन्होंने बताया कि किस प्रकार उन्होंने विभिन्न परिस्थितियों में जरूरतमंद लोगों की सहायता की और समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने का प्रयास किया इसके पश्चात विषय विशेषज्ञ दिनेश कुमार उमरैया, संभागीय समन्यवक,मध्य प्रदेश जन अभियान परिषद सागर ने सामाजिक न्याय मंत्रालय का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सामाजिक कार्यकर्ताओं को इस प्रकार की कार्यशालाओं में निरंतर भाग लेते रहना चाहिए, जिससे उनके ज्ञान एवं कौशल में निरंतर वृद्धि होती रहे और वे समाज सेवा के कार्यों को और अधिक प्रभावी ढंग से कर सकें इसके पश्चात कार्यशाला के विशिष्टअतिथि डॉ.बकुल लाड कार्यपालक निदेशक,मध्य प्रदेश जन अभियान परिषद ने अपने संबोधन में कहा कि इस प्रकार की कार्यशालाओं के माध्यम से सामाजिक कार्य शिक्षकों का सशक्तिकरण होता है तथा उनके व्यक्तित्व विकास को भी नई दिशा मिलती है उन्होंने मध्य प्रदेश जन अभियान परिषद एवं डॉ. हरीसिंह गौर विश्वविद्यालय, सागर के मध्य एमओयू होने की भी इच्छा ज़ाहिर की कार्यशाला के अंतिम चरण में आयोजित प्रमाण पत्र वितरण में समाजशास्त्र एवं समाज कार्य विभाग के विभागाध्यक्ष एवं डीन प्रो. दिवाकर सिंह राजपूत प्रो.कालीनाथ झा विशिष्ट अतिथिगण डॉ. बकुल लाड कार्यपालक निदेशक, मध्य प्रदेश जन अभियान परिषद दिनेश उमरैया एवं के के मिश्रा द्वारा सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए इस अवसर पर विभाग के सभी शिक्षकगण शोधार्थी एवं अन्य छात्र उपस्थित रहे।
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