सागर।डॉ.हरीसिंह गौर विश्वविद्यालय द्वारा भारतीय ज्ञान परम्परा में भाषा साहित्य एवं संस्कृति विषय पर द्विदिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया जा रहा है यह संगोष्ठी विश्वविद्यालय की शोध एवं विकास शाखा तथा आन्तरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (IQAC) के संयुक्त तत्त्वावधान में संपन्न होगी इस द्विदिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी में देश के विभिन्न विश्वविद्यालयों, शोध संस्थानों एवं शिक्षण संस्थाओं से प्रख्यात विद्वान्, प्राध्यापक एवं शोधार्थी भाग लेकर भारतीय ज्ञान परम्परा के विविध आयामों भाषा, साहित्य, दर्शन, समाज एवं संस्कृति पर अपने विचार प्रस्तुत करेंगे संगोष्ठी का उद्देश्य भारतीय चिंतन की शाश्वत परम्परा को नए बौद्धिक परिप्रेक्ष्य में समझना तथा अकादमिक जगत् में सार्थक संवाद की परम्परा को सुदृढ़ करना है।
इस संगोष्ठी में देश के अनेक प्रतिष्ठित विद्वान अपने विचार प्रस्तुत करेंगे प्रमुख आमंत्रित विद्वानों में प्रोफेसर राधावल्लभ त्रिपाठी पूर्व कुलपति, केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, नई दिल्ली प्रोफेसर रमाकान्त पाण्डेय कुलपति, उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय, हरिद्वार प्रोफेसर शिवशंकर मिश्र महर्षि पाणिनि वैदिक संस्कृत विश्वविद्यालय, उज्जैन प्रोफेसर विनोद कुमार मिश्र कुलपति, रानी अवन्तीबाई लोधी विश्वविद्यालय, सागर प्रोफेसर बालकृष्ण शर्मा विभागाध्यक्ष शासकीय संस्कृत महाविद्यालय ग्वालियर प्रोफेसर आनन्दप्रकाश त्रिपाठी पूर्व विभागाध्यक्ष, हिन्दी एवं संस्कृत विभाग डॉ. हरीसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर प्रोफेसर सरोज गुप्ता प्राचार्य, पंडित दीनदयाल उपाध्याय कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय, सागर प्रोफेसर गोपाललाल मीणा जेएनयू, नई दिल्ली डॉ. संजय कुमार सह प्राध्यापक, संस्कृत विभाग दिल्ली विश्वविद्यालय तथा डॉ. सुकदेव वाजपेयी सह प्राध्यापक,स्वामी विवेकानंद विश्वविद्यालय, सागर मुख्य रूप से शामिल होंगे संगोष्ठी की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर यशवन्त सिंह ठाकुर करेंगे।
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