सागर।डॉ.हरीसिंह गौर विश्वविद्यालय के प्रदर्शनकारी एवं ललित कला विभाग द्वारा आयोजित एकदिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का शुभारंभ कुलपति प्रो. वाय.एस. ठाकुर तथा विषय विशेषज्ञ डॉ.हीरालालप्रजापति एवं डॉ.आनंद जायसवाल द्वारा दीप प्रज्वलन एवं सरस्वती वंदना के साथ किया गया इस अवसर पर विभागाध्यक्ष डॉ. बलवंत सिंह भदोरिया एवं कार्यक्रम की संयोजिका डॉ.सुप्रभा दास, सहसंयोजक आकाश मालवीय उपस्थित रहे अपने उद्बोधन में कुलपति ने छात्र-छात्राओं का उत्साहवर्धन करते हुए कला एवं कलाकार के मर्म को अत्यंत प्रेरणादायी शब्दों में व्यक्त किया उन्होंने कहा कि कला केवल अभिव्यक्ति का माध्यम नहीं, बल्कि समाज और संस्कृति को दिशा देने वाली सशक्त शक्ति है तत्पश्चात विभागाध्यक्ष प्रो. बलवंत सिंह भदोरिया द्वारा विषय विशेषज्ञों का परिचय प्रस्तुत किया गया और उनके शैक्षणिक योगदान पर प्रकाश डाला गया कार्यक्रम की संयोजिका डॉ. सुप्रभा दास ने कार्यशाला के उद्देश्य एवं औचित्य को स्पष्ट करते हुए व्यावहारिक कला की समकालीन प्रासंगिकता पर विस्तृत चर्चा की उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में रचनात्मकता और तकनीकी दक्षता का समन्वय अत्यंत आवश्यक है कार्यक्रम की रूपरेखा सह-संयोजक आकाश मालवीय द्वारा प्रस्तुत की गई, जिसमें कार्यशाला के विभिन्न सत्रों, गतिविधियों एवं सहभागिता की जानकारी दी गई कार्यक्रम का संचालन डॉ. महेंद्र आर्य द्वारा किया गया
इसी क्रम में डॉ. आनंद जायसवाल ने Advertising में Photo Manipulation के Concept पर सारगर्भित व्याख्यान दिया उन्होंने विज्ञापन फोटोग्राफी की सूक्ष्म बारीकियों प्रकाश संयोजन, फ्रेमिंग तथा डिजिटल संपादन की तकनीकों को विस्तार से समझाया व्यावहारिक अनुभव प्रदान करने के उद्देश्य से विभाग के समस्त छात्र-छात्राओं के साथ चकराघाट पर एक फोटोवॉक भी आयोजित किया गया, जहाँ विद्यार्थियों ने सीखी गई तकनीकों का प्रत्यक्ष अभ्यास किया समापन सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ. ललित मोहन एवं डॉ. डी.एस. राजपूत उपस्थित रहे मुख्य अतिथियों ने अपने संबोधन में कार्यशाला की सराहना करते हुए इसे विद्यार्थियों के लिए ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणादायी बताया कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ यह कार्यशाला विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों के लिए अत्यंत उपयोगी एवं प्रेरणास्पद सिद्ध हुई।
0 Comments