बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज में पदस्थ 28 लैब टेक्नीशियनों की वर्ष 2010 में भर्ती प्रक्रिया की गई थी जिसे तीन साल बाद अनियमितता का हवाला देकर सेवाओं से पृथक किया गया था जिसके विरुद्ध समस्त लैब टेक्नीशियन हाई कोर्ट की शरण में गए जिन्होंने भर्ती प्रक्रिया को सही मानते हुए समस्त कर्मचारियों को पूर्ण वेतन और समस्त परिणामी लाभ प्रदान कर सेवा में पुनः रखने का आदेश दिया मेडिकल कॉलेज प्रशासन द्वारा जबलपुर हाई कोर्ट की द्वितीय बेंच में इस फैसले को चैलेंज किया जिसकी सुनवाई करते हुए जबलपुर हाई कोर्ट की डबल बेंच ने लैब टेक्नीशियन के हितों को ध्यान रखते हुए उनके पक्ष में फैसला सुनाया
हाई कोर्ट डबल बेंच के फैसले के बाद लैब टेक्नीशियन को जब अपने अधिकार प्राप्त न हुए तो उनके द्वारा कंटेंप ऑफ कोर्ट फाइल किया गया जिसके संबंध में सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई सुप्रीम कोर्ट में लैब टेक्नीशियन की पक्षधर पूर्व विधायक सुनील जैन एवं आचरण हिंदी दैनिक न्यूज़पेपर की प्रबंध संपादक निधि जैन की बेटी हैं समृद्धि जैन उन्होंने केस के प्रथम दिवस ही विपक्ष के वकीलों से बहस करते हुए समस्त लैब टेक्नीशियनों को उन्हें अधिकारों की जीत दिलवाई ज्ञात हो किसमृद्धि जैन एडवोकेट ने सुप्रीम कोर्ट आफ इंडिया में भी Advocate on records का एग्जाम भी national मेरिट के आधार पर फर्स्ट अटेम्प्ट में क्लियर किया पिछले 9 वर्षों से सुप्रीम कोर्ट में प्रैक्टिस कर रही समृद्धि जैन ने कई महत्वपूर्ण cases में सागर एवं मध्य प्रदेश के नागरिकों को न्याय दिलवाया है एवं शहर और प्रदेश का नाम रोशन किया है मेडिकल कॉलेज में पदस्थ समस्त लैब टेक्नीशियन ने इस जीत का श्रेय नगर की लाडली बिटिया एडवोकेट समृद्धि जैन को दिया है।।
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