स्कूल रिसेप्शन पर यूनिफार्म मॉडल प्रदर्शित करें ओपन मार्केट में कहीं से भी खरीदें किताब यूनिफार्म

सागर।जिला प्रशासन और निजी स्कूल संचालकों के बीच हुए एक महत्वपूर्ण संवाद के बाद सागर जिले के अभिभावकों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है बैठक में शिक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, सुलभ और छात्र-हितैषी बनाने हेतु कई निर्णय लिए गए अक्सर अभिभावकों की शिकायत रहती है कि उन्हें विशेष दुकानों से ही महंगी किताबें और यूनिफॉर्म खरीदने के लिए मजबूर किया जाता है परंतु अब ऐसा नहीं होगा
अभिभावक अब अपनी सुविधा अनुसार बाजार की किसी भी दुकान से किताबें और यूनिफॉर्म खरीदने के लिए स्वतंत्र हैं
प्रत्येक स्कूल को अपने रिसेप्शन पर यूनिफॉर्म का एक 'सैंपल मॉडल' प्रदर्शित करना होगा, ताकि अभिभावक कपड़े की गुणवत्ता और रंग का मिलान कर बाहर से उचित दाम पर सामग्री ले सकें और बचत के साथ पर्यावरण संरक्षण महंगी किताबों के बोझ को कम करने के लिए जिले के स्कूलों में 'बुक एक्सचेंज प्रोग्राम' शुरू किया जाएगा इसके अंतर्गत स्कूलों में 'पुस्तक मेलों' का आयोजन होगा, जहाँ वरिष्ठ छात्र अपनी पुरानी किताबें जूनियर छात्रों को दे सकेंगे इससे न केवल गरीब छात्रों की मदद होगी बल्कि कागजों की बचत के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा इसके अतिरिक्त ऐसे विद्यार्थी जो अपनी पुस्तक किसी अन्य विद्यार्थी को भेंट या दान स्वरूप दे रहे हैं उसे विद्यालय परिवार प्रमाण पत्र या बैज आदि के माध्यम से अप्रिशिएसन लेटर  जारी कर उसका उत्साहवर्धन करें बैठक में कलेक्टर संदीप जी आर के विशेष प्रयासों और संवेदनशीलता के चलते शैक्षणिक सत्र में निजी स्कूलों की फीस में  बढ़ोतरी नहीं करने पर स्कूल संचालकों ने सहमति दी बता दें कि बच्चों के उज्ज्वल भविष्य,अभिभावकों पर आर्थिक बोझ कम करने और स्कूल प्रबंधन के साथ बेहतर तालमेल स्थापित करने के उद्देश्य से कलेक्टर क्रमशः सभी स्टेकहोल्डर्स (हितधारकों) के साथ बैठक कर रहे हैं। 
कलेक्टर की सबसे महत्वाकांक्षी पहलों में से एक 'उड़ान योजना' है इसके तहत जिले के मेधावी छात्रों को स्कूलों में ही नीट (NEET) और आईआईटी-जेईई (IIT-JEE) जैसी राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए विशेष कोचिंग और मार्गदर्शन प्रदान किया जाएगा इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि संसाधनों के अभाव में सागर का कोई भी बच्चा अपने सपनों से पीछे न रहे बैठक के दौरान कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि प्रशासन का उद्देश्य स्कूल संचालकों के साथ बातचीत कर एक ऐसा वातावरण बनाना है जहाँ शिक्षा का व्यवसायीकरण रुके उन्होंने कहा कि शिक्षक, स्कूल संचालक और अभिभावक एक ही सिक्के के दो पहलू हैं जब इन सभी के बीच बेहतर तालमेल होगा, तभी हमारे बच्चों का भविष्य सुरक्षित और उज्ज्वल होगा हम शिक्षा को सुलभ और विद्यार्थियों के लिए एक सकारात्मक माहौल उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध हैं बैठक में पुलिस अधीक्षक विकास शाहवाल, जिला पंचायत सीईओ विवेक केवी, एसडीएम  अमन मिश्रा, जिला शिक्षा अधिकारी  अरविंद जैन, डीपीसी गिरीश मिश्रा सहित समस्त निजी विद्यालयों के संचालक उपस्थित थे।

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