सागर।वीरांगना रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व में करीब 35 माह के एक युवा बाघ की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई यह बाघ एक महीने पहले ही कान्हा टाइगर रिजर्व से लाकर बसाया गया था बताया जर हा है छोडे गए साढे तीन साल के बाघ की टेरेटरी फाइट वर्चस्व की लडाई में मौत हुई है रविवार को मानेगांव बीट क्षेत्र में निगरानी दल को बाघ का शव मिला यह बाघ मुहली रेंज के कोर एरिया में कॉलर आईडी के जरिए मॉनिटर किया जा रहा था पिछले तीन दिनों से उसकी लोकेशन लगातार एक ही स्थान पर मिल रही थी जिससे टीम को संदेह हुआ मौके पर पहुंचने पर बाघ मृत अवस्था में मिला सोमवार सुबह डॉग स्क्वॉड की मदद से पूरे क्षेत्र में सघन सर्चिंग की गई घटनास्थल के पास अन्य वन्यजीव के पगमार्क मिलने की जानकारी सामने आई है यह शव 15 फरवरी को मिला है जो 2 दिन पुराना है यह वही बाघ था जो पेंच टाडगर रिजर्व में 4 माह की उम्र में मां से बिछडने के बाद कान्हा के घोरेला बाडे में पला-बडा उसने यहां शिकार करना तो सीख लिया लेकिन संघर्ष नहीं सीख पाया बाडे में 35 माह की टेनिंग के बाद उसे टाडगर रिज्व में छोड़ा गया तो यहां के दूसरे बाघ से टेरेटरी को लेकर संघर्ष हआ जिसमें उसकी मौत हो गई यह बाघ के जीवन की पहली फाइट थी बाघ का शव मोहली रेंज की मानेगांव बीट मे मिला सिर की हडी और नाखून टूटे मिले संघर्ष में दूसरा बाघ भी घायल हुआ है टाइगर रिजर्व की टीम के लिए रेडियो कॉलर न होने से घायल बाघ की तलाश चुनौती बनी है मप्र में 1 जनवरी 2026 से 15 फरवरी तक बाघ की यह 11 वीं मौत है डेढ माह पहले टाइगर रिजर्व से सटे सागर के दक्षिण वन मंडल के ढाना रेंज में बाघ का शव मिला था उसकी करंट से मौत हई थी नौरादेही के पहले बाघ किशन की मौत भी बाहर से आए बाघ से संघर्ष में हुई थी।
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