सागर। पीटीसी मैदान में 13 दिवसीय स्वदेशी जागरण मंच के तत्वावधान में स्वर्णिम भारतवर्ष फाउंडेशन के माध्यम से आयोजित स्वदेशी मेला का रविवार को समापन हो गया प्रांत मेला प्रमुख नितिन पटैरिया, जिला संयोजक सौरभ रांधेलिया मीडिया प्रभारी अखिलेश समैया सांस्कृतिक प्रभारी सुष्मिता ठाकुर ने बताया कि मेले के समापन पर मेला में लगे सभी स्टॉल वालों का सम्मान किया गया महिलाओं द्वारा स्वदेशी उत्पादों पर संवाद होगा दमोह से आ रहे अंकित जैन 20x20 फीट में 4 मिनिट में रंगोली बनाई इसके अलावा वकील और पुलिस द्वारा बनाए गए बैंड, गायत्री परिवार द्वारा युवाओं को प्रेरित करने वाले भजन यूटीडी के बच्चों की प्रस्तुति हुई एवं सभी स्कूलों के प्राचार्य का सम्मान, वार्ड सांस्कृतिक प्रतियोगिता के प्रतिभागियों का सम्मान स्कान मंदिर के अनुयायी द्वारा भजन संध्या का आयोजन हुआ मेला में कार्यक्रम के मुख्य वक्ता स्वदेशी जागरण मंच के क्षेत्र संगठक केशव दुबोलिया एवं प्रान्त सह संयोजक प्रो विकास सिंह अमरकंटक, मुख्य अतिथि प्रो. यशवंत ठाकुर वाइस चांसलर यूटीडी, अध्यक्ष प्रदीप लारिया विधायक नरयावली, विशिष्ट अतिथि अरविंद जैन जिला शिक्षा अधिकारी,मिहीलाल अहिरवार मकरोनिया नगर पालिका अध्यक्ष, प्रभुदयाल पटेल प्रदेश मंत्री भाजपा, मेला आयोजक स्वदेशी जागरण मंच के महाकौशल प्रांत संयोजक कपिल मलैया, मेला संयोजिका दीप्ति चंदेरिया मंच पर उपस्थित रहीं स्वदेशी जागरण मंच मध्य क्षेत्र संगठक केशव दुबोलिया ने बताया कि स्वदेशी मेला के माध्यम से लोगों के अंदर स्वदेशी और देशभक्ति की भावना जागृत होती है जिसके कारण कुटीर उद्योगों का व्यापार बढ़ने लगा है स्वदेशी जागरण मंच के महाकौशल प्रांत संयोजक कपिल मलैया ने कहा कि मेले में सागर जिले के स्थानीय कारीगरों को विशेष रूप से बढ़ावा दिया गया मिट्टी से बनी मूर्तियां, लकड़ी के खिलौने और पारंपरिक कपड़ों के स्टॉल पर लोगों की भीड़ देखी गई साथ ही युवा उद्यमियों ने भी अपने स्टार्टअप और स्वदेशी उत्पादों को प्रदर्शित किया मेले की अपार सफलता पर उन्होंने समस्त अतिथियों और शहरवासियों का आभार माना स्वदेशी जागरण मंच के विभाग विचार प्रमुख राजकुमार नामदेव, विभाग प्रशिक्षक रविन्द्र ठाकुर ने बताया कि अंततः स्वदेशी मेला ने न केवल ग्रामीण कारीगरों और उद्योगों को अपनी कला व कौशल प्रदर्शित करने का मौका दिया बल्कि इसे देखने आए हजारों लोगों को भी भारत की समृद्ध संस्कृति और परंपराओं की झलक दिखाई मेला व्यवस्थापक विनय मलैया, सुनीता अरिहंत ने कहा स्वदेशी मेला जैसे आयोजन न केवल भारत की समृद्ध संस्कृति को जीवित रखते हैं, बल्कि आत्मनिर्भरता की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम हैं।
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