विश्वविद्यालय के उन्नत अनुसंधान केंद्र में कार्यषाला का आयोजन

सागर।डॉक्टर हरीसिंह गौर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो.यशवंत सिंह ठाकुर के मार्गदर्शन में उन्नतअनुसंधान केंद्र सीएआर के द्वारा कन्फोकल लेजर स्कैनिंग माइक्रोस्कोप (सीएलएसएम) पर एक दिवसीय हैंड्स ऑन प्रशिक्षण का आयोजन किया गया इस प्रषिक्षण में कुल 30 प्रतिभागियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया उन्नत अनुसंधान केंद्र की मुख्य समन्वयक प्रोफेसर श्वेता यादव की पहल पर सीएआर में उपलब्ध विभिन्न परिष्कृत उपकरणों पर कार्यशालाओं का आयोजन निरंतर किया जा रहा है डॉ.विवेक कुमार पांडे प्रभारी,सीएआर ने सीएआर के संक्षिप्त परिचय के साथ सत्र की शुरुआत की और ऐसे कार्यक्रमों के महत्व के बारे में प्रतिभागियों को जानकारी दी व्याख्यान सत्र में मुख्य वक्ता डॉ.प्रियोनील बासु के द्वारा बताया गया कि सीएलएसएम एक महत्वपूर्ण इमेजिंग तकनीक है जिसका उपयोग जीवविज्ञान,नैनोटेक्नोलॉजी और मटेरियल साइंस जैसे क्षेत्रों में किया जाता है पारंपरिक लाइट माइक्रोस्कोप की तुलना में सीएलएसएम,लेजर लाइट और पिनहोल का उपयोग करके केवल एक बिंदु पर ध्यान केंद्रित करता है और सैम्पल की प्रत्येक परत से चित्र कैप्चर करता है इससे शोधकर्ताओं को सैम्पल के त्रिआयामी चित्र प्राप्त करने में मदद मिलती है जीवित कोशिकाओं और ऊतकों का अध्ययन करते समय शोधकर्ताओं को कोशिकाओं के अंदर की जैव-रासायनिक क्रियाओं जैसे प्रोटीन का स्थान और जीन अभिव्यक्ति को वास्तविक समय में देखने की सुविधा प्रदान करता है सीएलएसएम का प्रयोग मटेरियल साइंस में नैनोमैटेरियल्स,कोटिंग्स और पतली परतों आदि का विश्लेषण करने के लिए किया जा सकता है इस तकनीक के माध्यम से शोधकर्ता सैम्पल  की सतह परिष्करण दोष और परतों का विश्लेषण कर सकते हैं हैंड्स ऑन सत्र शिवप्रकाश सोलंकी द्वारा सीएलएसएम के हार्डवेयर भाग और इसके सहायक उपकरणों के संक्षिप्त परिचय के साथ शुरू हुआ विभिन्न पृष्ठभूमियों के सैम्पल विश्लेषण करने पर विशेष जोर दिया गया प्रतिभागियों को सैम्पल तैयार करने उसके विश्लेषण से लेकर डेटा व्याख्या तक की पूरी जानकारी प्रदान की गई डॉ. प्रियोनील बासु ने प्रतिभागियों की रुचि के क्षेत्र से संबंधित प्रश्नों पर विचार किया एवं उनकी जिज्ञासाओं का समाधान किया समापन सत्र में प्रतिभागियों से कार्यषाला के बारे में प्रतिक्रियाएं ली गईं सीएलएसएम पर संपूर्ण व्यावहारिक सत्र सीएआर तकनीकी टीम के डॉ.विवेक कुमार पांडे शिवप्रकाश सोलंकी सौरभ साह अरविंद चडार और  चंद्रप्रकाश सैनी की तकनीकी देख रेख में आयोजित किया गया।

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