विश्वविद्यालय में ऑपरेशन सिंदूर पर विशेष व्याख्यान एवं सैन्य उपकरणों की प्रर्दशनी का आयोजन

सागर.डॉक्टर हरीसिंह गौर विश्वविद्यालय के स्वर्ण जयंती सभागार में भारतीय सैन्य इतिहास में वीरता, रणनीतिक कौशल और राष्ट्रीय गौरव के प्रतीक के रूप में भारतीय सेना और भारतीय सशस्त्र बलों की वीरता और साहस की गाथा को उजागर करने वाले ऑपरेशन सिंदूर पर विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया इस अवसर पर भारतीय सेना द्वारा उपयोग में लाये जाने वाले हथियार एवं सैन्य उपकरणों की प्रर्दशनी 36 रैपिड (एस) शाहबाज डिवीजन द्वारा लगाई गई विद्यार्थियों शिक्षकों अधिकारियों एवं सभी अतिथियों ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया कार्यक्रम में जीओसी 36 रैपिड डिवीजन के मेजर जनरल के.टी.जी.कृष्णन ने मुख्य वक्तव्य देते हुए कहा कि ऑपरेशन सिंदूर क्यों हुआ और कैसे हुआ इसको जानना हम सबके लिए जरूरी है पहलगाम में नागरिकों पर देश की महिलाओं के पतियों को धर्म को लक्षित करते हुए निशाना बनाया गया जो क्रूरता और नृशंसता का चरम है इस तरह की आतंकी गतिविधि का जवाब तो देना ही था क्योंकि जिस तरीके से लक्ष्य करके देश के मासूम नागरिकों पर हमला किया गया वह देश की नैसर्गिक छवि पर बहुत बड़ा आघात पहुंचाया गया उन्होंने बताया कि भारतीय सेना, भारतीय राजनीतिक नेतृत्व और भारतीय आला अधिकारी तीनों ने एक मंच पर आकर देश के खिलाफ हुए हमले का जवाब दिया पहली बार हमने पाकिस्तानी सीमा में घुसकर कई आतंकी कैम्पों को नष्ट किया और 102 से अधिक आतंकवादियों को मार गिराया नीति और रणनीति दोनों का इस्तेमाल किया गया बहुत से लोगों को वास्तविक कार्रवाई और घटना के बारे में पूरी जानकारी नहीं है इसलिए भारतीय सेना और देश के नेतृत्व ने यह तय किया है कि हम सार्वजनिक रूप से देश के नागरिकों के बीच जाकर भारतीय सेना के शौर्य, साहस और क्षमता के बारे में अवगत कराएँ कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहीं विश्वविद्यालय की कुलपति कर्नल कमांडेंट प्रो.नीलिमा गुप्ता ने भारतीय सेना द्वारा के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि देश के सम्मान में यह एक नवाचारी पहल है हमारे युवाओं को देश की सेना और शौर्य से परिचित होना चाहिए यह देश प्रेम की भावना को मजबूत करती है और भारत चूंकि सबसे युवा देश है, इसलिए युवाओं के लिए ऐसी जानकारी प्रेरणा स्रोत है उन्होंने कहा की सेना के शौर्य, पराक्रम, वीरता, बलिदान हमेशा स्मृति में रखना हम सबकी जिम्मेदारी है भारत देश किसी भी स्थिति में आतंक को बर्दाश्त नहीं करेगा हमारे देश की सैन्य शक्ति और रक्षा उपकरणों के उपयोग को पूरी दुनिया ने देखा हम सक्षम और सशक्त भारत हैं
इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि ग्रुप कमांडर एनसीसी सागर के ब्रिगेडियर विकास बहुगुणा सहित भारतीय सेना एनसीसी के कई अधिकारी,विश्वविद्यालय प्रॉक्टर प्रो.चंदा बेन,सुरक्षा अधिकारी प्रो. राजेंद्र यादव, प्रो.नवीन कानगो, प्रो.वाय.एस.ठाकुर,प्रो.अनिल कुमार जैन प्रो.अजीत जायसवाल,प्रो.कालीनाथ झा, प्रो ऋतू यादव, प्रो आशीष वर्मा, प्रो. देवाशीष बोष विश्वविद्यालय कुलसचिव डॉ.एस पी उपाध्याय, डॉ. संजय शर्मा, जनसंपर्क अधिकारी डॉ.विवेक जायसवाल एनसीसी अधिकारी डॉ.गौतम प्रसाद, डॉ. रजनीश अग्रहरी तथा विश्वविद्यालय परिवार के समस्त शिक्षक, अधिकारी, कर्मचारी एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।

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