आज से अषाढ़ माह का पहला मंगलवार मेले की तैयारियां की शुरुआत से लग गये झूलें एवं दुकानें इस क्षेत्र का इतिहास काफी पुराना है हम बचपन से देखते आ रहे हैं हमारे पिता बताते है कि 4 पीढ़ियों से स्कूलों में गढ़पहरा का प्राचीन मेला का दृश्य हमास परीक्षा में लिखने आता था और आज भी इस मेले की स्मृति हमारे मन फिर से अषाढ़ माह आते ही श्रद्धालुओं बड़ी संख्या में वहां पहुंचकर पूजा अर्चना करते है सिद्ध क्षेत्र की प्रमुख विशेषताएं गढ़पहरा में प्राचीन हनुमान मंदिर प्राचीन मां अनगढ़ देवी मंदिर एतिहासिक किला परीसर शीश महल दर्शनीय स्थल एतिहासिकधरोहर गढ़पहरा में नटनी कहानी एवं नटनी स्थल शिला के रूप में एतिहासिक चुनीकोट गढ़पहरा में शैलचित्र एतिहासिक पुरानी कोठी जो एक चट्टान के नीचे है एतिहासिक शेर की गुफा है जो सीढ़ियां के पास है सागर मुख्यालय से 10 कि दूर यह मेला अति प्राचीन है यहां भक्तों को प्रसाद की दुकाने, खेल-खिलौने फुलकी ओर चाट के ठेले,झूले -झाकी, अखाड़ों के खिलाड़ियों का प्रदर्शन निशान ले जाते हुए,सोबत गायन के साथ, माताओं -बहनो के श्रृंगार सामग्री बढ़ा ही आकर्षक दृश्य होता है इस मेले में आप सभी हनुमान जी महाराज के दर्शन करें और मेले का आनंद लेगें अषाढ़ माह पर विशेष रूप से तीसरे-चौथे मंगलवार को विशेष हनुमान जी महाराज की कृपा रहती है भक्तों पर इस अवसर पर लाखों की संख्या में श्रद्धालुओं को जमावड़ा रहता है।
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