सागर में पत्रकारों की एकता की एक अनोखी मिसाल

सागर में पत्रकारों की एकता की एक अनोखी मिसाल सागर बंद आन्दोलन के दौरान देखने को मिली, विरोधी देखते रह गऐ, प्रशासन और विरोधीयों की लाख कोशिशों के वाद भी सागर बंद सफल रहा वो कहते हैं ना कि जनता भगवान् होती है जनता चाहे तो किसी को सिर पर बिठा ले जनता चाहे तो हाथी से गिरा दे सागर की जनताजनार्दन के द्वारा पत्रकारों के इस आन्दोलन का पूर्ण सहयोग किया गया तथा समर्थन के तोर पर स्वयं अपने प्रतिष्ठानों को बंद रखा गया सागर बंद आन्दोलन के दौरान सैकड़ों की संख्या में सागर एवं सागर तहसील के पत्रकारों के साथ साथ समाजसेवी एवं विपक्षी पार्टियों के नेताओ ने भी पत्रकारों का साथ दिया, 
तथा जनता एवं व्यापारियों द्वारा जगह जगह पर पत्रकारों के लिए पानी एवं चाय की व्यवस्था की गई थी जो जनता के दिल में पत्रकारों के सम्मान को दर्शाता है,सागर शहर में आज लॉक डाउन जैसा महौल देखने को मिला शहर की गलिया खाली सुनसान लगी अंत में सभी पत्रकारों एवं आन्दोलन में सम्मिलित व्यक्तियों द्वारा प्रशासन के लिए 2 मिनट का मौन रखा गया

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